पृष्ठ:परीक्षा गुरु.djvu/८४

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परीक्षा गुरु
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बहुत से राजकुमारों को बड़ी जोखों के काम उठाने पड़ेंगे और तुम्हारी कर्तव्यता पर हज़ारों लाखों मनुष्यों के सुख-दुःख का बल्कि जीने मरने का आधार रहेगा. तुम बड़े कुलीन हो और बड़े विभववान हो. फ्रेंच भाषा में एक कहावत है कि जो अपने सत्कुल का अभिमान रखता हो उसको उचित है कि अपने सत्कर्मों से अपना वचन प्रमाणिक कर दे. तुम जानते हो कि अंग्रेज लोग बड़े-बड़े खिताबों के बदले सज्जन (Gentleman) जैसे साधारण शब्दों को अधिक प्रिय समझते हैं इस शब्द का साधारण अर्थ ये है कि मर्यादाशील, नम्र और सुधरे विचार का मनुष्य हो, निस्सन्देह ये गुण यहांँ के बहुत से अमीरों में हैं परंतु इसके अर्थपर अच्छी तरह दृष्टि की जाय तो इसका आशय बहुत गंभीर मालूम देता है. जिस मनुष्य की मर्यादा, नम्रता और सुधरे विचार केवल लोगों को दिखाने के लिये न हों बल्कि मन से हो अथवा जो सच्चा प्रतिष्ठित, सच्चा वीर और पक्षपात रहित न्यायपरायण हो, जो अपने शरीर को सुख देने के लिये नहीं बल्कि धर्म में औरों के हक़ में अपना कर्त्तव्य सम्पादन करने के लिये जीता हो, अथवा जिसका आशय अच्छा हो जो दुष्कर्मो से सदैव बचता हो वह सच्चा सज्जन है**"

“निस्सन्देह सज्जनता का यह कल्पित चित्र अति विचित्र है परन्तु ऐसा मनुष्य पृथ्वी पर तो कभी कोई काहे को उत्पन्न हुआ होगा" मास्टर शिंभूदयाल ने कहा.

हमलोग जहां खड़े हों वहां से चारों तरफ़ को थोड़ी-थोड़ी दूर पर पृथ्वी और आकाश मिले दिखाई देते हैं परंतु हकीकत में वह नहीं मिले इसी तरह संसार के सब लोग अपनी-अपनी