यह पृष्ठ प्रमाणित है।
३७
बरवै नायिका-भेद।
अनूढ़ा—
मोहिं बर जोग कन्हैआ, लागउँ पाँय।
परकीया (ऊढ़ा) के ६ भेद।
भूत-गुप्ता—
चूनत फूल गुलबवा, डार कटील।
टुटिगौ बन्द अँगिअवा[१], फटु पट नील॥१५॥
अब नहिं तोहिं पढावों, सुगना सार।
भविष्य-गुप्ता—
होइ कत कारि बदरिआ, बरखत पाथ।
जै हौं घन[२] अमरइआ[३], संग न साथ॥१७॥
जै हौं चुनन कुसुमिआ[४], खेत बड़ि दूरि।
वचन-विदग्धा—
तोरेसि नाक नथुनिआ, मित[६] हित नीक।