पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/१७०

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द्वीप में असभ्य । १३ की असुविधा थी, किन्तु इस संकीर्ण पथ से रन और भी सुरक्षित है, यह जान कर मैंने इसे भीता ही समझा। इस गुफा के आविष्कार से मेरे हर्ष की सीमा न रही । जिन वस्तुओं की मुझे विशेष चिन्ता थी, उन्हें अब शीघ्र ही लाकर यहाँ रख देना चाहा। गोली, बारूद और फ़ालतू तीन बन्दूकों को पहले यहाँ लाकर रक्खा। जिस बारूद के पीपे में पानी घुस गया था उसे तोड़ कर देखा, तीन चार इश्व बारूद चारों ओर पानी पड़ने से जम कर बैठ गई थी, उसके भीतर पानी न पहुंचा था। इसलिए पीपे के बीच की बारूद बहुत अच्छी थी । यह विस्मय मेरे लिए विशेष आनन्दवस क हुआ। । इस पीपे से मैंने तोस सेर बढ़िया बारूद निकाली। वह बूढ़ा बकT दूसरे दिन मर गया। उसको खींच कर बाहर फेंकने की अपेक्षा मैंने उसे वहीं गाड़ देना अच्छा समझा । मैंने गढ़ा खोद कर उसे वहीं गाड़ दिया। मैं अब बिलकुल निर्भय होगया । पाँच सौ असभ्य आलेंगे तब भी मेरा पता न पायेंगे । द्वीप में असभ्य देखते ही देखते इस द्वीप में मेरे तेईस वर्ष कट गये हैं ? मैं इस निर्जन प्रवासवास में ऐसा असभ्य होगया था कि असभ्यों का भय न रहता तो मैं बूढ़े बकरे की भाँति शान्ति पूर्वक यहीं वृद्ध होकर अपना जीवन बिता देता। मैंने यहाँ - | अपना जी बहलाने का भी प्रबन्ध कर लिया था ।