पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/२३९

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राबिन्सन क्रूसो ।

२१८ राबिन्सन से। यह सब कार्य होने के बाद हम लोग सोचने लगे कि अब बन्दियों का क्या करना चाहिए। जो लोग शातिर बदमाश हैं। उन को साथ रखना हम लोगों के हक में हानिकारक है। या नहीं, यह बिचारने का विषय है । कतान ने कहा, ‘उन बन्दियों में दो व्यक्ति पहले नम्बर के बदमाश हैं । वे लोग किसी तरह काबू में नहीं आ सकते । यदि उन लोगों को संग ले चलना हो तो उनको हथकड़ीघड़ी डाल कर ले चलिए। वहाँ जाकर उन्हें पुलिस के सिपुर्द करने के सिवा और कोई उपाय नहीं । तब मैंने कहा-आच्छा, यदि उन्हें इसी टापू में रहने को राज़ी कर सरें तो ? कप्तान तब तो बड़ा ही अच्छा हो। मैं इसे हृदय से पसन्द कर सकता हूं । मैं अच्छाउन लोगों को घु ना कर तुम्हारे सामने उनसे यह प्रस्ताव करता हूं । फ्राइडे और दो बन्धनमुक्त नाविकों को कुछभवन से पाँचों कैदियों को बुला लाने के लिए मेला । उन बन्दि के आने पर मैं नई पोशाक पहन कर सेनापति के वेष में उनके पास गया । मैंने अपराधियों से कहा तुम लोगों के विरुद्ध आचरण करने की बात मैंने सुनी है । यह ईश्वर की कृपा ही समझनी चाहिए कि तुम लोग अधिक पाप करने के पहले ही मेरे हाथ बन्दी हुए हो । जहाज़ भी मैं ने अपने कड़े में कर लिया है । तुम लोग अपने नये कप्तान की मृत्यु भी अपनी ही आँख देखोगे । अच्छाअब तुम लोगों को क्यों न प्राणद ड दिया जाय १ उन में एक व्यक्ति सब का अगुआ होकर बोला–'इस सम्बन्ध में हम लोगों के कुछ कहने की गुजाइश नहीं । किन्तु