पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/२७१

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राबिन्सन क्रूसो ।

२८ राबिन्सन झूले। रक्षा का भार वृद्धा विधवा ही को सौंपा। यह भार उपयुक्त व्यक्ति को सौंपा गया था। कारण यह कि कोई माता भी उससे बढ़ कर अपने बच्चों का यतपूर्वक लालनपालन नहीं कर सकती । जब मैं लौट कर देश पहुंचा तब भी वह जीवित थी । मैं उसका काम देख कर बहुत प्रसन्न हुआ था और उसे धन्यवाद देकर अपनी कृतज्ञता प्रकट करने का मुके अवसर मिला था। १६४४ ईसवी की ८ वीं जनवरी को हम और फ्राइडे अपने भतीजे के जहाज़ पर सवार हुए । छप्परदारनाव के सिवा अपने द्वीप के लिए मैंने अनेक प्रकार की चीजें साथ रख लीं । इस बार मैंने कई नौकरों को भी अपने साथ ले लिया । यह इसलिए कि जब तक मैं उस द्वीप में रहूंगा तब तक वे लोग मेरी मातहती में काम करेंगे। इसके बाद जो वहाँ रहना चाहेंगेरहेंगे और जो देश आना चाहेंगे वे मेरे साथ लौट आदेंगे। मैंने दो बढ़ईएक कुम्हार, एक पीपे बनाने वाले और एक दर्जी के साथ ले लिया । पीपे बनाने वाला अपनी वृत्ति के सिवा कुम्हार का भी काम करना जानता था और नक्शा खोदने आदि का भी काम जानता था। वह बड़े काम का आदमी था । मैंने और वस्तुओं की अपेक्षा कपड़े बहुतायत से ले लिये थे जिनसे टापू भर के लोगों का काम सात वर्ष तक मज़े में चल सकता । इसके अतिरिक्त दस्तानेटोपी, जूते मोजे, बिछौनेबर्तनकल आदि गृहस्थी की प्रायः सभी आवश्यक वस्तुएँ जहाज़ पर लाद लीं । युद्ध का भी कुछ सामान साथरख लिया । सौ बन्दूकें, तलवारेंपिस्तौल गोली, बारूद, तथा शीशे और पीतल की बनी दो मज़बूत तोपें भी जहाज़ पर रख लीं ।