पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/२९४

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क्रूसो के अनुपस्थित-समय का इतिहास।


कहा-नहीं नहीं, मैं न समझता था कि वे लोग ऐसे छटे बदमाश हैं। यदि मेरे रहते आप वहाँ से लौट आते तो भी मैं उन लोगों को आप के अधीन करके ही जाता। आपने जो उन लोगों पर प्रभुत्व स्थापित किया है इससे मैं प्रसन्न हूँ।

मैं उससे इस प्रकार कही रहा था कि और ग्यारह स्पेनियर्ड वहाँ आ गये। किन्तु उनकी तत्कालीन पोशाक देख कर उनकी जाति का निर्णय करना कठिन था। स्पेनियर्ड कप्तान ने मुझ से उनका और उनसे मेरा परिचय कराया। तब वे लोग बड़े विनीत-भाव से एक एक कर मेरे पास आये और भक्ति-पूर्वक मेरा अभिवादन किया। मानो मैं ही उस द्वीप का सम्राट् था, और वे लोग अन्यदेशीय दूत थे। मैं उन लोगों को शिष्ट व्यवहार देख कर मुग्ध हुआ।


क्रूसो के अनुपस्थित-समय का इतिहास

मैंने उन स्पेनियर्ड लोगों से उनका वृत्तान्त पूछा। स्पेनियर्ड-कप्तान मेरे अनुपस्थित-समय का इतिहास कहने लगा। वह मेरे पास से बिदा हो कर अपने साथियों के पास गया था। उसे देख उसके साथी अत्यन्त विस्मित और आनन्दित हुए। जब उन लोगों ने कप्तान के मुँह से अपने उद्धार की बात सुनी तब उन्हें यह शुभ-संवाद सपने की सम्पत्ति की भाँति अत्यन्त सुखद प्रतीत होने लगा। परन्तु कप्तान के पास अस्त्र-शस्त्र देख कर उन्हें विश्वास हुआ। वे यात्रा की तैयारी करने लगे। यात्रा के लिए सबसे प्रथम आवश्यक नाव थी। उन लोगों ने अपने आश्रय-दाता असभ्यों से मछली मारने को