पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/३००

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क्रसे के अनुपस्थित समय का इतिहास । २७७ । इधर एक अँगरेज़ की ही दया से हम लोगों के प्राण बचे हैं। और वही इन लोगों को यहाँ रख गये हैं। अब इन्हें मार कर हम लोग उनके क्या जवाब देंगे ? इसलिए इन लोगों का विचार हैं। नितान्त दयालुभाव से करना होगा। बहुत तर्कवितर्क के बाद यह तय हुआ कि इन लोगों के हथियार जब्त करके इन्हें अपने दल से निकाल देना चाहिए। अब इन्हें बन्दूक, गोलीबारूद, तलवार या दूसरा कोई हथि यार न देना चाहिए । इन लोगों की जहाँ इच्छा हो वहाँ जा कर रहें । हम लोगों में कोई इनसे वार्तालाप न करे। वे लोग अपनी एक निर्दिष्ट सीमा का अतिक्रम करके स्पेनिया की सीमा के भीतर पैर न रक्खें । इस प्रकार परित्यक्त होने पर भी यदि वे किसी का कुछ अपकार या नुकसान करेंगे तो उनको मृत्यु निश्चित है, तब उनकी एक भो उर्ज न चुनी जायगी। स्पेनिय8 के मुखिया बड़े हो दयालु थे। उन्होंने कहा, एक बात और सेच लेनी चाहिए । ये लोग हमारे समाज से निका ले जाने पर क्या खायगे ? अनाज उपजाने में भी समय लगेगा । इन लोगों को भूखों मार डालना उचित नहीं । इन लोगों के लिए खानेपीने को कुछ व्यवस्था कर के तब समाज से अलग कर देना ठीक होगा। इन्हें आठ महीने का खाद्य और बीज के उपयुक्त अनाजछः बकरियाँ, चार बकरे तथा खेती करने का सामान्य उपकरण देकर बिदा कर दो ।’ यही हुआ। उन लोगों से इस बात का मुचलका ले लिया गया कि अब वे भविष्य में किसी साधारण से भी साधारण “व्यक्ति का कुछ अपकार न करेंगे । इसके बाद सदर की आज्ञा के अनुसार उन्हें जीवनयात्रा के लिए वे सब वस्तुएँ दे दी गईं । इन .