पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/३०५

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२८२ राबिन्सन क्रसो। उन असभ्यों T एक कुल्हाड़ी, एक टूटी कुजी, एक छुरी और पाँच छः शीशे की गोलियाँ दीं । इन कई साधारण वस्तुओं को पाकर वे असभ्य गण मारे खुशी के उछल उठे। इसके बाद उन असभ्य ने बन्दियों के हाथपैर बाँध कर उन्हें नाव में रख दिया । हम लोगों ने वहाँ विलम्ब करना उचित न समझ शीघ्र यात्रा की । कौन जानेपीछे से असभ्य हमें नर मांस खाने के लिए कहीं निमन्त्रण ही दे बैठे । हम लोगों ने रास्ते में एक द्वीप में श्राठों बन्दियों को उतार कर छोड़ दिया । हम इतने लोगों को लेकर क्या करते है या उन्हें खाने ही को क्या देते १ स्त्रियों को स्वस्थ और सबल देख कर हम लोगों ने अपने लिए रख छोड़ा । बाकी बन्दियों के साथ हमने बात- चीत करने की चेष्टा की, पर कुछ फल न हुआ। हम लोग जभी कुछ पूछते थे तभी वे भय से काँपने लगते थे। वे । समझते थे कि इसी बार हम लोग उन्हें खा डालेंगे । हम लोगों ने ज्योंही उनका बन्धन खोलना चाहा त्योंहीं वे आार्त स्वर से चिल्लाउडे मानो अभी उनके गले पर तेज़ छुरी फेरी जायगी । उनको जब कुछ खाने के लिए दिया जाता तब वे यही स मझते कि उनको मोटा-ताज़ा करने का उपाय किया जा रहा है। किसी की ओर देखने से वह सकुच जाता था। वह समझता था कि वह मारे जाने के योग्य हृष्टपुष्ट है या नहीं, इसकी तजवीज हो रही है। उन लोगों के साथ विशेष सह्यवहार करने पर भी उनके जी में मारे जाने की आशका प्रतिपल बनी ही रहती थी । हम लोग उन्हें इस द्वीप में ले आये हैं और घर के भीतर बन्द कर आये हैं ।' यह अद्भुत वृत्तान्त सुन कर सभी स्पेनियर्ड कुतूहला । "क्रान्त कर उनको देखने चले । उन लोगों ने अँगरेज़ के