पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/३५३

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


३२८ राबिन्सन क्रस । एक तरह के वृक्ष की तीन डालें काट कर एक जगह गाड़ देते थे। यदि अपर पक्ष के लोग इस सन्धि से सम्मत होते थे तो वे भी उनके सामने इसी तरह तीन वृक्षशाखाएँ गाड़ देते थे। दोनों दलों के सन्धिस्थापन के बीच की जगह वाणिज्य- व्यवहार और बात -चीत के लिए निर्दिष्ट होती थी। उस मध्यवर्ती स्थान में यदि कोई जाना चाहता था तो उसे निरस्त्र होकर जाना पड़ता था। एक दिन सन्ध्यासमय हम लोग स्थल में उतर पड़े। वहाँ के रहने वालों ने चारों ओर से आकर हम लोगों को घेर लिया । किन्तु उन लोगों ने कोई प्रतिकूल आचरण न कर बड़े शान्त भाव से हम लोगों के साथ सन्धि का बर्ताव किया। हम लोगों ने भी सन्धिशाखा गाड़ कर के वहीं रात बिताने की इच्छा से कई तम्बू खड़े किये । सभी लोग निश्चिन्त हो कर खा रहे । किन्तु न मालूम मु नींद क्यों न आई । तब में नाव पर गया और नाव के ऊपर पेड़ के डालपत्त का एक छप्पर छा दिया । उसके नीचे पाल बिछा कर में सो रहा । नाव की रक्षा के लिए दो आदमी और भी नाव पर थे। मैंने नाव को किनारे से ज़रा हटा कर लंगर डाल दिया । दो बजे रात को हम लोगों के साथी खूब ज़ोर से चिल्ला कर नाव को किनारे लगाने के लिए हम लोगों के नाम ले ले कर पुकारने लगे । इसके साथ साथ पाँच बार बन्दूक की आवाज़ सुनाई दी । कुछ कारण न समझने पर भी हम लोगों ने झट पट नाव को किनार लगा दिया और तीन बन्दू लेकर हम लोग उनकी सहायता के लिए प्रस्तुत हुए। "