पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/३६५

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३५० राबिन्सन क्रसो । तू अपनी जान से हाथ धो बैठेगा ।” माँझी इस बात से ज़रा ठिठक कर बोला-‘क्यों महाशय : क्या आप नहीं जानते कि इन सालों ने कैसा अनर्थ किया है ? यदि नहीं जानते तो इस तरफ़ आकर देखिए ।’ उसने मुझे अपने साथ ले जाकर टम जेफ्री की ट्रगी हुई लाश दिखला दी। यह देखकर मेरा भी चित्त उत्तेजित हो उठा । किन्तु मैंने अपने हृदय के आवेग को रोक कर विचार किया कि इस हत्या का बदला बहुत अधिक लिया जा चुका है । इससे मैं चुप हो रहा। किन्तु मेरे साथी लोग चिढ़ गयेयहाँ तक कि मेरा भतीजा कप्तान पर्यन्त बिगड़ उठा । अपने पोताध्यक्ष को अपने दल में सम्मिलित देखकर नाविकगण उद्दण्ड होकर हत्या में प्रवृत्त हुए । मैं उन लोगों को रोकने में अक्षम हो चिन्ताकुल चित्त से लौट चला। हाय ! ऐसा निर्द हत्याकाण्ड क्या देखने को वस्तु है ! इन आक्रान्त घायल नरनारियों का आर्तनाद क्या सुना जाता था ! मैं किसी को नहीं लोटा सका । केवल तीन आदमी मेरे साथ लौट चले । किन्तु इस घोर अत्याचार के समय ऐसे बल हीन होकर व्ाट जाना हमारे लिए नितान्त आसम साहस का काम हुआ । सुबह की सफेदी आसमान में छाती जा रही थी । उधर हम लोगों के अत्याचार की खबर गाँव गाँव में फैलती जा रही थी । एक गाँव में चालीस आदमी धनुष बाण, और भाले आदि अनेक अस्त्र लिये खड़े दैवयोग थे । से हम लोग उसरास्ते से न जाकर दूसरी राह से एकदम l ( , समुद्र के किनारे जा पहुंचे । उस रास्ते से जाते तो अनर्थ होता। हम लोग जब समुद्रतट पर पहुंचे तब प्रातःकाल की,