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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 10.pdf/६५२

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सम्पूर्ण गांधी वाङ‍्मय
करनेपर बहुत गम्भीर, २०९; का लड़ाई जारी रखनेका दृढ़ निश्चय, ३२०; -का व्यक्तिगत और भौतिक स्वार्थसे कोई सरोकार नहीं, ५२४; -की दशा सरकार द्वारा असहनीय बनाना नारी ९१; -की माँगें पूरी होनेकी सम्भावना, ४४९; -की रिहाई, १४१; -की लड़ाई केवल राष्ट्रीय सम्मान एवं ब्रिटिश संविधानकी रक्षाके लिए, ५२६; -की सचाई एक बहुत बड़ा प्रमाणपत्र, २००; -के आश्रितोंको दी जानेवाली सहायता वेतन या पारिश्रमिक नहीं, ४२३; -के पास पोलकके कामकी सफलता की कुंजी, ७२; -के प्रति ट्रान्सवाल सरकार द्वारा घोर निर्देयताका व्यवहार, १७५; के लिए जेलमें नीचेसे नीचा काम करनेसे इनकार करना उचित नहीं, १२५; -के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार, ३९४; के साथ जेलोंमें भेदभाव, ४१७; के स्वागतके लिए प्रीतिभोज में यूरोपीय उपस्थित, १३५; -को अपने निश्चयमें दृढ़ होना चाहिए, ४१५; को अपने बलपर भरोसा, ३००; को आपस में एक दूसरेको जान लेना आवश्यक १५१; को उनकी दो माँगें स्वीकार होनेपर ही सन्तोष, ४६४; को ट्रान्सवाल प्रवासी कानूनमें रंग-भेदपर आपत्ति, ५१८:-की दुदृढ़तासे संपर्ष जारी रखनेकी सलाह, ५०७; -को प्रोत्साहित करनेवाले पत्रपर हस्ताक्षर, ८७; -को विवेयकमें संशोधनके बिना भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, ५०५; को सुझाव, १६१; द्वारा ट्रान्सवालमें समस्त दक्षिण आफ्रिका-की स्वतन्त्रताके लिए लड़ाई, १२८; पर जीतका दारोमदार, ३२५; में जेलके अन्दर पूरा-पूरा उत्साह, १६२
सत्याग्रही फार्म, देखिए टॉल्स्टॉय फॉर्म
सफ्रेजेट, का आन्दोलन, २०
सभ्यता, की परिभाषा, ३५
समाजवादी समिति, २९८, ३०१
सरकारी गज़द, का असाधारण अंक, ४८१; में प्रवासी प्रतिबंधक विषेयक प्रकाशित, ४४३
सरस्वती, ४७९-
सर्वेट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी, १४७, १६१ पा॰ टि॰
सर्वोच्च न्यायालय, का नायडू बनाम सम्राट्वाले

मामलेमें निर्णय, ४१७-१८; - द्वारा मुहम्मद गुलाम के मुकदमेंमें फैसला, ३१३; में छोटानाईकी अपील, ३८८
सर्वोदय, २६१
सहदेव, १४६, पा॰ टि॰
सिविलाइ‌जेशन, इट्स कॉज़ ऐंड क्योर, ६५
सेतु-बन्ध र।मेश्वरम, २६
साउथ आफ्रिकन न्यूज़, १५६, पा॰ टि॰, ४९९; -काले लोगोंको नौकरीसे हटानेपर, २१५
साउथ आफ्रिका प्रेस एजेंसी, ३५४
साउथ आफ्रिकन ब्रिटिश इण्डियन असोशिएशन, ४६६, पा॰ टि॰
साम्राज्य सरकार, १८, ३२१, ३३३, ३३६ -भारतीय परिवारोंको बरबाद करनेमें शरीक, २१०; की अनुमतिके बगैर ट्रान्सवाल सरकारके लिए भारतीयोंको निर्वासित करना असम्भव, २१०; की कोशिश जारी, ३२५; -की डेलागोवा-बेके जरिये चोरीसे भारत भेजे जानेवाले भारतीयोंके प्रति घोर उदासीनता, २०९-१०; के नाम स्मट्सका पत्र, ५१४: को गिरमिटिया मजदूर नेटाल भेजना बन्द करनेके बारेमे कहना आवश्यक, १५५; -को गुमरद्ध करनेकी ट्रान्सवाल सरकारकी चाल, ३२३; - को डान्सबाल सरकारका पोला, ३२४; द्वारा जनरल स्मट्सकी कुछ बातें अस्वीकार, ४३१; -द्वारा नया विषेयक पहले ही स्वीकृत, ४८९
सॉलोमन, जे॰ आर॰, ४३०
सोलोमन, डेविंड, २२२-२३, २३२
सोलोमन, न्यायाधीश, ३८६
सावर, ४४७
सावरकर, गणेश, १३ पा॰ टि॰
सिंह, रामलाल, १०८
सिकन्दर, २७१
सीताजी, ३३४, ३९३, ४२७
सीहाॅक, २०७
सुकरात, १८२
सुकरातके प्रतिवाद, २६१
सुधन्या, १८६, २१३, २२१
सुन्दरसिंह, ४२६
सुबरामनिया, डी॰ ए॰, १८०