पृष्ठ:सिद्धांत और अध्ययन.djvu/५८

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सिद्धान्त और अध्ययन परिभाषा को उन्होंने संकुचित बतलाते हुए कहा है कि बड़े-बड़े गावि चिल्ला उठेंगे कि उनकी कविता विश्वनाथ की परिभाषा में न आयगी किन्तु ऐसा नहीं है । रस में भी अन्य चमत्कारों का भी उसके पोषक-रूप से महत्व रहता है, इसलिए हम प्राचीनों (अर्थात् संस्कृत के काव्यशास्त्र के प्राचार्यो) की. परि- भाषाओं में विश्वनाथ, की परिभाषा को ही प्रधानता देंगे। इसमें अन्य परिभाषानों का भी समावेश हो जाता है । . . शेक्सपीयर : शेक्सपीयर (Shakespeuro) ने 'कल्पना' को प्रधानता देते हुए लिखा है कि कवि की कल्पना अज्ञात वस्तुओं को रूप देती है । उसकी लेखनी वायवी-नगण्य-अस्तित्वशून्य पदार्थों को भी मूर्त बनाकर नाग और ग्राम प्रदान करती है :- 'The poet's eye, in a fine frenzy rolling,

Doth glance from heaven to earth, from earth to

hcaven; ... And as imagination bodies fortli The forms of things unknown, the poct's peall

Turns them to shapes, and gives to airy nothing

A local habitution and a name. -A Midsummer Night's Drcum (V-1). वर्डस्वर्थ : वर्डस्वर्थ (Wordsworth) ने 'भाव' को प्रधानता देते हुए लिखा है कि काव्य शान्ति के समय में स्मरण किये हुए प्रबल मनोवेगों का स्वच्छन्द प्रवाह है :- .. - 'Poetry is the spontaneous overflow of powerful feelings: It takes its origin from emotion recollected in tranquility: ___-Preface to Lyrical Ballads. मिल्टन : मिल्टन (Milton) ने कविता को सादा, प्रत्यक्षमूलक और रागात्मक कहा है :- '. . 'Poetry should be simple, sensuous and passionate'. -Essuy on Eclucation. । कॉल रिज : कॉलरिज (Coleridiye) ने अभिव्यक्ति को प्रधानता देते हुए कहा है कि कविता उत्तमोत्तम शब्दों का उत्तमोत्तम प्राम-विधान है :- ... 'Potery, the best words in the best orcler. i'..