पृष्ठ:स्टालिन.djvu/१०६

विकिस्रोत से
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ
यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

एक सौ पांच] महत्वपूर्ण कार्य लेनिन के अविरिक और किसी ने नहीं किये। बोल्शेविक दल में लेनिन के बाद उसी का नम्बर था। उसको लेनिन का दाहिना हाय माना जाता था। अब की बार उसको जुलाई १९१७ के विद्रोह में फिर गिरफ्तार किया गया, किन्तु वह शीघ्र ही छूट गया। इसके बाद उसने अक्तूबर १९१७ की प्रसिद्ध राज्यक्रान्ति में लेनिन के साथ इतना महत्त्वपूर्ण कार्य किया कि जारशाही का अंत होकर रूस का शासन बोल्शेविक दल के हाथ में आ गया। अब उसने रचनात्मक कार्य में अपनी असाधारण प्रतिमा का परिचय दिया। पहिने उसको परराष्ट्र मंत्री बनाया गया। इस विभाग का संगठन कर लेने के बाद उसको युद्ध विभाग का अध्यक्ष बनाया गया। अब उसने जारशाही के समय के उन सभी पुराने सेनाधिकारियों का उपयोग किया, जो नई सरकार के प्राधीन करने को सहमत हो गए। इस समय उसने रूस की उस प्रसिद्ध लाल सेना का संगठन किया जिस की धाक पूँजीवादी एवं सामाज्यवादी सभी देश मानते हैं। लाल सेना का संगठन करके सारे रूस में श्वेत रूसी सेना को पराजित कर देने पर ट्रॉट्स्की पर क्रान्ति के समय विध्वस्त हुई रेलवे के पुनर्जीवन का भार डाला गया। इस कार्य को भी सफलता पूर्वक समाप्त कर देने पर उसको उन सैनिकों को काम पर लगाने का काम सौंपा गया, जिनकी युद्ध के लिये आवश्यकता नहीं रही थी। ट्रॉटस्की ने इस कार्य को भी सफलतापूर्वक पूर्ण किया। भब ट्रॉदस्की का उन लोगों से मतभेद प्रारम्भ हुआ, जो उसको अपने दल में अपेक्षाकृत नवागंतुक समझ कर उससे ईर्ष्या सी करने लगे थे। इस समय स्टालिन कम्यूनिस्ट पार्टी का प्रधान मंत्री था। वह भी ट्रॉदूस्की की इस स्नति से ईर्ष्या करवा