पृष्ठ:स्टालिन.djvu/२७

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[छन्बीस चंचलता की जो भावनाएं उसके हृदय से विस्मृत हो गई थी इस घटना ने उनको पुनः जाग्रत कर दिया। शिक्षणालय में यथापूर्व कार्य चलता रहा। पाठशाला के रेक्टर ने शांतिपूर्ण ढंग से विद्यार्थियों को समझाने का प्रयत्न किया कि “यह नवीन आन्दोलन देश के लिये हानिकारक है। वह वर्तमान शासन के लिये अपमान है। उसका उद्देश्य पवित्र बार को नाश करना है। दोपहर के अनध्याय में जब शिक्षणालय के विद्यार्थी एक स्थान पर एकत्रित होकर परस्पर बातें कर रहे थे तो जोजेक को किसी कार्यवश उधर आना पड़ा। किन्तु उसने देखा कि जब वह उनके पास पहुंचा तो सब लड़के चुप हो गए। ऐसी ही घटना उसको विद्यार्थियों की एक अन्य श्रेणि के साथ भी पेश आई । जब कोई रहस्यमय बात स्पष्ट हो जाती है तो अन्य बहुत सी सूक्ष्म बातें जो पहले अज्ञात रहती हैं बाद में स्वयं प्रकट हो जाती हैं। जोजफ को यह समझ कर बड़ा आश्चर्य हुआ कि मैने आज तक अपने सहपाठियों की नीति परिवर्तन को कभी ध्यानपूर्वक नहीं देखा। उसे स्मरण हो आया कि निस्सन्देह लड़के उससे रूखा और उपेक्षापूर्ण व्यवहार करते थे। किन्तु वह अपनी पुस्तकों में इतना निमग्न रहता था कि वह कभी इन बातों की ओर ध्यान ही न दे सका था। उसका अधिकांश समय पुस्तकों के अभ्ययन में ही व्यतीत होता था। अब उसने परिस्थिति का अव. लोकन कर निश्चय कर लिया कि मैं शाघ्र अपने मित्रों से मिल कर प्रत्येक गलतफहमी को दूर कर दूंगा। ऊपर बतलाया जा चुका है कि अब जोजफ़ में फिर एक नया परिवर्तन हो गया था। पूर्व का वही सोसो मृत होकर जीवित हो चुका था। एक बार पुन: उसके अन्दर दूसरों पर शासन करने के