यह पृष्ठ जाँच लिया गया है।
(३८८)
| पाल—पालन | मृ—मरण रक्ष्—रक्षण |
| भुज्—भोजन | हु (होम करना)—हवन |
(करण-वाचक)
| नी—नयन | चर्—चरण | भू—भूषण |
| या—यान | वहू—वाहन |
अना (भाववाचक)—
| विद् (चेतना)—वेदना | रच्—रचना |
| घट् (होना)—घटना | तुल—तुलना |
| सूच—सूचना | प्र + अर्थ—प्रार्थना |
| बंद—वंदना | आ + राध्—आराधना |
| अव + हेल (तिरस्कार करना) | गवेष् (खेाजना)—गवेषणा |
| —अवहेलना |
अनीय (योग्यार्थक)—
| दृश—दर्शनीय | स्मृ—स्मरणीय |
| रम्—रमणीय | वि + चर्—विचारणीय |
| आ + दृ—आदरणीय | मन्—माननीय |
| कृ—करणीय | शुच्—शोचनीय |
[सू॰—हिंदी का 'सराहनीय' शब्द इसी आदर्श पर बना है।]
आ (भाववाचक)—
| इष् (इच्छ)—इच्छा | कथ्—कथा | गुह् (छिपना)—गुहा |
| पूज्—पूजा | क्रीड्—क्रीड़ा | चिंत्—चिंता |
| व्यर्थ—व्यथा | शिक्ष—शिक्षा | तृ—तृपा |
अस् (विविध अर्थ में)—
| सृ (चलना)—सरस | वच, (बोलना)—वचस्, |
| तम् (खेद करना)—तमस् |