पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/११४

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११० समतावृद्धिक एकान्त पक्षपातो थे ; उन्होंने सोचा था कि दुर्ग लोटा देनेको बात पलो हो गई यो । लाबोडोंनेको डुप्लेके साथ कर्मक्षेत्र में अवतोण हो कर उद्देश्यको प्राभादाका जान यमेष्ट था, जिम नियमको उन्होंने सार्थ में परिणत कागे। किन्नु पूँदिरो पहुँच कर वे खोकार किया था, उसको तोड़ना उन्होंने होम जनो- निराश हो गये । पूटिचेरो पहुँचने पर गवर्नर ड, प्लेने चित कार्य समझा। इन को नगर समर्पणके नियम उनको अन्त:करणमे अभ्यर्थ ना नहीं को। लाबोनिक स्थिर करनेको क्षमता है, इस बात को वे मान न सके, प्रति उनकी ईर्षा हुई है, इस बालक लक्षण पहले से ही पक्षातरमें उन्होंने प्रेको लिख भेजा कि, यह उनको दिखाई देने लगे। उने पाशङ्का करने लगे कि यदि नितान्त दाम्भिकता और परस्पर के कार्यको प्रतिकूलताक उन पर कभी विपत्ति पड़ेगी, सोलाबो ने उनका स्थान सिवा और कुछ नहीं है। इससे डाले क्रोधान्ध हो गये अधिकार कर लेंगे। उन्होंने देखा कि, युद्ध आदि उनको और लामोडनिको कारारुड कर अपना प्रभुत्व प्रकट अधिकारसीमामें सटित नहीं होंगे ; पक्षान्सरम लाबो- करनको चेष्टा करने लगे। पूँदिवेरी नगरमें उन्होंने एक डनिको अनुकूल परामर्श और सैन्य तया अपने प्रयत्नों षडयन्त्र रचा ; पूँदोचेरोके फरामोसी अधिवासियों द्वारा हाग महायता करने के लिए कट पक्षन उनको आदेश एक इस आशयका पावेदनपत्र लिखवाया कि, 'अर्थ दिया है । लाबोनिको समतासे ये अत्यन्त हे षपरतन्त्र ले कर मद्राज नगर छोड़ देनेसे फरामोसियोंकी हानि को उठे भोर क्रमश: उनके साथ शत्रताचरण करने लगे। होने को सम्भावना है।' लाबो?नने भो अपना इम शत भावने हो लाबानि और डु,ने का सर्वनाश यह दृढ़सङ्कल्प इलेको जतलाया कि, हमारी सम्पति के किया तथा प्रतिकूल कायकि कारण भारतसे फरामोसौ. अनुसार प्रत्येक कार्य न होनसे हम मद्राज महौं क्षमता विलुप्त हुई। छोड़ेंगे। इधर डने अपने उद्देश्यको कार्य में परिणत कुछ भी हो, लाबोनिने पूर्व सिद्धान्तानुसार १८ करने के लिये जब तक भलोभॉति प्रस्तुत न हो मकं, तब सेम्बरको मद्राजके दुर्ग पर चढ़ाई कर दी ओर २५ तक मद्राज जिमसे अंग्रेजाक हाथ न सोपा जाय, उसके तारीखको दुर्ग अधिकार कर लिया। ४४ लाख रुपये लिए विविध उपायों का अवलम्बन करने लगे । इम समय देने पर ३ माम बाद फरासीसी सेना मद्राज परित्याग फ्रान्ससे और भी कई एक जना जहाज भा पहुंचे। करेगी, इस नियम पर मद्राज दुर्ग वामी ग्रेजोंने कुले और लाबोनिने यदि मिल कर कार्य करते, तो वे लाबोडनिके पाम पामसमर्पण किया। किन्तु हुने अब तक अग्रेजोंके समस्त स्थान अधिकृत कर सकते इस सन्धि पर विशेष प्रापत्ति को। उनका कहना था थे। अंग्रेजोंके मौभाग्यवश हो उस समय ये पापसी कि, "मद्राज इमार शासित प्रदेशके अतभुता है, इस झगड़े में फंस गये। लिए एकमात्र हम ही उस विषयको मोमासा कर कुछ दिन बाद डु लाबोर्डोनेके प्रस्तावानुसार कार्य सकते हैं। इसी समय पार्क टके नवाबने जुले के पास करने के लिए तैयार हुए। साबोर्डोनने डने की बात पर एक इस प्राशयका पत्र भेजा कि-"हमार राज्यमें रह विखास करके मद्राज परित्याग किया। कर हमारी बिना अनुमतिके फरासोसियोंको मद्राज पर उधर पार्कटके नवाब पानवारउद्दीमने अब तक पालमण करनेका कोई भी हक नहीं था।" उनने मद्राज अपने हाथमें न पाते देख, १०,००० सेनाके साथ भवावको उत्तर दिया कि, "उत्त मगर हमारे हस्तगत अपने पुत्र महाफजखाको बलपूर्वक उक्त नगर अधिकार होते हो हम आपको लौटा देंगे।" इसके बाद जुने करने के लिए भेजा। मेने कूटनीतिका अवलम्बन कर साबोडोनिको लिखा कि, "पाप मद्राजके दुर्ग में खित उनसे सन्धिका प्रस्ताव किया। सन्धिके प्रस्तावको ले व्यक्तियोंके साथ सन्धि के किमी मियम पर अपना मत करने के जो दो दूत गये थे, उनको महाफजखाने कैद न देखें कि उक्त विषय प्रदचेरीके शासनकर्ताका कर लिया। डु इस पर पत्यन्त असन्तुष्ट पौर कुर ही विचार्य । किन्तु इस पत्रक पहुंचनेके पालेही हुए। रणवाद्य बज 1 । फरासीसियोंको बन्दूकोंसे