पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/११६

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११२ जाम्स न हुए। सहसा मद्राज हस्तच्युत न हो, इस ! सिंहासनका दावा करते थे। उनको राज्य मिसनेको बासको भी वे पूरी कोशिश करने लगे। किन्तु इमो | कुछ भो सम्भावना न घो। किन्तु चान्दमागबन पा कर समय यूरोपमें अग्रेज ओर फरासोसियोको सन्धि होने उनका साथ दिया, पोर फरामोसी मेना उनका पृष्ठ के कारण यहां भो मन्धि हो गई। अग्रज मद्राजको पोषण करती है यह बात भी उनमे कहो। इसमे मजा पन: प्रास हुए। फरको साहम हुषा, वे चान्दसाहबके साथ मिल कर पान यह के समय इन ने देखा कि, अति अल्पम ख्यक वारके साथ युद्ध करने लगे। युद्दमें पानवार निहत एए यगेपोय मेना बहमख्यक देशीय सेनाको सहज हो | घोर उनके पुत्र महाफज कैद कर लिए गये। मजफर पराजित कर मकती है। इससे उनको राज्याधिकारको पौर चाग्दसाहबने यथाक्रामसे सूबेदार ओर नबाबको उपाधि लालमा और भी बढ़ गई । देशीय राजा उस ममय पर | ग्रहण कर पाक टमें प्रवेश किया। इसके बाद वे पुंदिरो स्पर शत्रताचरणमें व्याप्त थे। उनमेसे एकका पक्ष पहचे ; डुप्लेने पानो अभिसन्धि पूर्ण करने के अभि- ले कर डुप्ले फरामोमो नमताको विस्त,त करने में प्रवृत्त प्रायमे विशेष यत्नके साथ उनकी अभ्यर्थना की। चान्द- हुए । १७४१ई में चान्दमासबने विचिनपनी की विधवा- | साहबने पुदिचेरोके निकटवर्ती ८१ गाँव फरासीसियों. रानीको धोखेमें डाल कर उता मगर अधिकार कर लिया को दिये । थोड़े ही दिन बाद लेने चान्दसाहब और था। रघुजी भोसलेने चान्दसाहबको उपयुक्त दण्ड देने के मजफरको विचिनपल्ली प्रवरोध करने का परामर्श दिया। लिए विचिनपल्लोको घेर लिया। चान्दमाहबने अपने इस स्थानमें पानवारके पुत्र महम्मदअनोने आश्रय लिया स्त्रो पुत्रों को गुलभावमे डाले के पात्रयमें रख कर रघुजी था। चान्दगाहब विचिनपल्लो न जा कर पहले तोर मामने प्रात्मममर्पण किया, रघुजीने उनको बंद करके | चले गये। इस मौके पर नाजिरजङ्ग ( मजकरके प्रति- मतारा भेज दिया। परले कहा जा चुका है कि, इन्ही ) ने पा कर पार्कट अधिकार कर लिया। चान्द- भाकटके नवाब पानवारउद्दीन स्वार्थ मिचिके लिए कभी सारव और मजफरको इस बात को खबर भी न थी। अंग्रेजों और कभी फरासोमियों का पक्ष अवलम्बन कर | सुप्लेन हो पहले उनको नाजिरजङ्गके पाक्रमणका रहे थे। डने अब उपका बदला लेनेका मोका ढूंढ़ने संवाद दिया। वे दिवेरीको तरफ अग्रसर हए । लगे। मौका भो साथ पाया। जब चान्दसाहब की स्त्रो ___ फरासोसियों को चान्दसाहब और मजफर का पक्ष पुँदोचेरोम थौं, सब इसका स्त्रो ने उनसे गाढ़ो मित्रता अवलम्बन करते देख अंग्रेजों ने भी महम्मदलो और जोड़ ली थी। वे डुप्ले को स्त्रीसे अपने स्वामोकी मुक्ति नाजिरजङ्गका पक्ष अवम्बन करना शुरू कर दिया। के प्रार्थना करने लगी, डुले ने अपनो स्वोसे इस बातको | नाजिर जङ्गको बहुसंख्यक सेनाके साथ मजफर पर पाक सुन कर सोचा कि, चान्दमाहब प्रामयारके प्रतिद्वन्दो है! मण करनेके लिए पाते देख डन ने मजफर और चान्द: पौर प्रणामाधारण पानवारको अपेक्षा चान्दमारबके को सहायताके लिए कुछ फरासीमो सेना भेजो। किन्स अधिक वशमें हैं। चान्दमाहबका छुटकारा होने से सभो के साथ सैनिक विभागके कर्मचारियों का उतना सनको नवाब रूपमें मानने लगेगे और फरामोमो मेना. मजाव न था। किसो अप्रकाश्य कारणसे फरामोसो को सहायतासे वे सिंहासन अधिकार कर सकेंगे। माथ मना युद्धक्षेत्रमे चल दो। मजफर के पाम समपंगा करने हो फरासोसियोका वल भी बढ़ जायगा। ऐसी कल्पना पर नाजिरजङ्गाने उनको शृङ्गलाव किया, चान्दसाहब- करके उन्होंने चान्दसाहबकी मौके हारा गुप्तरोतिम ! ने साहसके साथ युद्ध करते करते अन्यत्र जा कर पात्रय लाख रुपये रघुजीके पास भिजवा दिये ; चान्दसाहब मुक्त लिया । होकर पुदिरीके तरफ चल दिये। इसो समय निझाम' फरामोसो सेनाके विमा बुद्ध किये युद्धव छोड़ कर उल मुल्कको मृत्यु होने में उनके सिंहासनको ले कर गले पाने से इसे भविषम विपत्तिको पाम करने अत्यन्त गड़बड़ी होने लगी। उनको दौहित्र मजफरजा। सगे। वे कौशलसे अपने प्रभावको प्रवर्स रखने