पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/३०

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मान पगना नदोगर्भमें बिन्नीन हो गया है। अभी भी मछली पकड़नेका झाबा । यह बेंत या और किमी पड़की उस म्यानमें एक ग्राम टागडा या टॉड़ा नाममे पुग सचोलो टहनियोका बना होता है। ४ मुरगियों के बंद जाता है। बङ्गालके इतिहाम-लेखक स्टयर्ट मारबका करनेका झावा । ५ पल गर्क पायेका ततभाग । यह भाग "गन है, कि गौड नगर जनशन्य होने के ११ वर्ष पहले पृथ्वी से लगा रहता और इसका घेरा उभरा रहता है। प्रगान के शेष अफगान राजा मुनेमान शाह करगणोने टापड़ ( हिं० पु. ) अमर मैदान। ? : ६४ ई० में टागडा नगर में बङ्गालको राजधानी स्थापित टापदार ( हि'० वि० ) जिमके अपर या नोचेका छोर कुछ ...। मुगल-मम्राट अकबर के समय में टागडा नगर समः फला हुआ हो। गाड़ और बङ्गाल नवाचौका वासन्धान था।१४४००मे टापना ( क्रि०) १ धोड़ीका पर पटकना । २ इधर रिद्रोही मुजागाह औरङ्गजेब के मेनापति मोरजम नाके उधर घुमा फिरना, टकर मारना । ३ निष्पयोजन इधर भयमे राजमहलमे टागडा नगरको भाग आये थे और उधर फिरना । ४ कूदना, उछलना। ५ निराहार पड़ा के युद्ध में पराजित हए । इसके बाद मगलीन राजमसन्न रहना । ६ व्यर्थं प्रतीक्षा करना, व्यर्थ किमी दूसरे की प्राशा और दाका बगानको राजधानी म्यायन की थी। करना । ७ पश्चात्ताप करना, पछताना, हाथ मलना। प्रदेशकै गनपुर राज्यको मार सहमोलका टापर ( हिं० पु. ) टट प्रादिको मवारो। "शर । यस प्रक्षा० २८५८ उ० और देशा 90' टापा (हिं पु० ) १ टप्पा, मैदान। २ वह विम्त त ५१० मध्य मुरादाबादमे नै नाताल के पथ पर अव- भूमि जहां कोई चोज उगती न हो, उजाड़ म दान । ३ रित है। लोकसंख्या प्रायः .८३ है। यहाँ बञ्जार कूट, फोद, फलांग। ४ एक टोकग जिसमे कोई वस्तु अातिका वाम अधिक है। इस नगर में एक चिकित्सालय ढांको या बंद की जाय । और एक विद्यालय है। टाय (हि.पु. ) चारों ओरसे घिरा हुअा भूखंड, होप । ,' डाउामार . पञ्जाबके होशियारपुर जिले के अन्तर्गत टाबर (हिं पु० ) लड़का, बालक । रमश तहमोन के शहर । ये दोनों शहर एक दूमरेमे प्राध टाबू ( हि पु०) रस्मोको बनो हुई एक प्रकारको जाली हानको दूर्ग पर पड़ता है और अक्षा० ३१४० उ. और जो कटोरे के आकारको होता है। काम करते ममय देगा. ७५३८ पृ० में अवस्थित है। दोनों की मिथित बलों को चार खानसे टॉक लिये यह उनके मुंह पर कभंग्यः यः १०२४७ है । यहाँ मावो मरवर नामक लगा दिया जाता है, जाना। । माधुका मठ है। १८६७ ई० में म्यनिमिपानिटो टामन (हि.पु. ) तन्त्रविधि. टोटका। पित हुई है। यहां म्य निसिपल बोर्ड के अधीन एक टार ( म० पु.) टां पृषौं ऋच्छति ऋ अण् । १ तुरङ्ग, नोवर्नाक्य नर मिडिल स्का ल और एक सरकारो घोड़ा। २ लङ्ग. गाड, लौंडा । ३ रङ्गा, वह मनुष्य जो स्त्री कित्सालय है पुरुषका मयोग करा देता हो, कुटना. दलाल । टान ( हि स्त्रो० ) १ विस्त ति, फैन्नाव, खिंचाव । २ टार (हि.पु.) १गशि, ठेर, पुन। (स्त्रो०) २ टाल वोधनको क्रिया, खींच। ३ माँपके दाँत लगने का एक टल। कार: इममै दाँत बसता नहीं केवल छोलता या बरीच टारन (हिं. पु.) १ टालने या सरकानेको वस्तु । २ न्यान्नता हुआ निकन्न जाता है । ४ मितारके परदे पर कोला में पड़ा हुमा लकड़ोका डंडा । इससे ईख गलि को रख कर इस प्रकार ग्खोंचनेका क्रिया जिपसे चलाई या हिनाई जातो है। य मभी स्वर निकम्न पायें । (४०) ५ मचान, टोड़। टारपोडो (अ० पु. ) पानी के भीतर हो कर चलानेवाला '. टतना (f. कि. ) यौचना, तामना। जंगी जहाज। ! हिस्सो .) १ घोड़े के पैरका निचला भाग। २ टाल (हि.स्त्री.) १ भारो राशि, जचा ढेर, गज। २ यह शब्द जो चलते ममय घोड़े के पैरों होता है।३ लकड़ी, भुस पादिको बड़ो दूकान । ३ बैलगाडोके पहि