पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/६८३

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६७१ राज पोर दूमर कईएक प्रधान सामन्त मारे गये थे। इसके बोई समय बाद ही उनाने पाम नियासे पोरा. इसके पोछे मुरादने पुनः एक बार अपने पुत्र पर राज्य मानिश तक भूभागके पधिपति पलाउहोसत् पर भार अर्पण किया था। पाक्रमण किया। अलाउहोलत् युद्ध में पराजित हुए। (१४५१ - १४८१)-२य मुगदकं पुत्र महम्मद २१ उनका विस्तीर्ण राज्य तरकके साम्राज्यभुत इमा। वर्ष की अवस्था सिमन पर अभिषिक्त हुए। इनके पोहे १५१६-१७ में उन्हें ने रजिष्ट पोर मिराया ममयमै तुमष्कराज्यको क्षमता पौर ममृद्धि बहुत बढ़ गई अधिकार किया। पम समय वे मुमलमान-समाजमें थो। इन्होंने १४५३ ई०को २८ वौं मईको कनस्तान्ति- सबसे प्रधान गिने जाने लगे। महाके अधिकागने सलोम. नोपन, सर्भिया, पिलपनिमस, विविजन्द, काफा, निमिया के हाथ वहांको चामो सौंप दो। सलोम एक प्रभृति राज्य जय किये। ग्राकों को जो कुछ स्वाधीनता कहर सुबो थे। विषवश उन्होंने शिया मुमलमानों को बची थो, विविजन्द जोते जाने वाद वह भो विलुल मार डालनेको पाज्ञा दो और जो ईमाई मुसलमान हो गई। महम्मद के पराक्रमसे यूरोपीय राजन्यवर्ग तक धर्म स्वीकार न करेंगे, उन्हें भी विनष्ट करनको इच्छा भो भौत और विचलित हो गया था। धर्म, विज्ञान, को, किन्तु उनके मन्बोने यह कह कर उन्हें रोक पाईन और अङ्गयाम्त्र सिखाने के लिये इन्होंने नाना दिवा, कि सब विधर्मी जिजिया कर दिया करते, स्थानों में विद्यालय खोले थे। कुरानमें उन्हें विनाश करनेका विधि नहीं है। १५२० (१४८१-१५१२)-२य महम्मदको मृत्यु के बाद में अधिक प्रफोम खानेसे सलोमको मृत्य हुई। २य बयाजिद मिसन पर बैठे। किन्तु उनके भाई (१५२०-१५६६ -सलोमके मरने पर उनके पुत्रं जमने राज्य पनि के लिये गृहविवाद प्रारम्भ किया। सुलेमान राजगहो पर बैठे। पोसमान-मोके राजापोंमें ये कई एक युद्ध के बाद जेम रोइम-हीयको भाग गये, वह अत्यन्त प्रवल पराक्रान्त थे। राजा होमके माथ हो फिर भी पकडे जाने पर वे फ्रांमके राजा के निकट भेजे न्होंने बेलग्रेड पोर रोड.महोप अधिकार गये। कमि जैम पारका पाश्रय पाने के लिये रोम देशको किया। उमो साल वालासियाके राजा राइस उनको गये। किन्तु इस बार उनको पायु भो शेष हो गई। प्रधानता स्वीकार करने को बाध्य हुए। १५२६९ में ___ इसके अलावा बाजिद के राजत्वकालमें इजिपट, रि-राज लुईने सुलेमानके विरुन युख्यावा कर भिनिश, हरा, पोल गड पोर अष्ट्रियामें युद्ध छिड़ा। मोहाकको लड़ाई में प्राणत्याग किया, सुलेमानने हजारो इन्होंके समयमें १४८५ ई०को सबसे पहले रूस-दूत कन- प्रवेश कर राजधानो बुडा नगर और पोई छानसिल स्तान्तिनोपलमें पहुंचा। अन्तिम अवस्थामें बयाजिद भानिया राज्य अधिकार किया। . १५२८१ में उन्होंने अपने पुत्र सलोमर्क साथ गृहविभवमें व्यतिव्यस्त हो जर्मनी में प्रवेश कर भियाना नगर अवरोध किया, किन्तु गये। अन्तम व सलामको गज्य अर्पण कर निश्चिन्त ४ वर्ष के बाद वे लोट जानेको वाध्य हुए। इसके बाद हुए। १५१२ ई में उनका प्राणान्त हुपा। उन्होंने पारस्य देश पर धावा किया। उस समय शाह (१५१२-१५२०)-सलाम जैसे निष्ठर थे. वैसे ही तमाम पारस्य के गजा थे। तुरुककै अधीनमा बदलिम- कार्यकुशल और वोर भा थे । उनका समय तुरुष्का के रि- राज शरीफ-वेने विद्रोही हो कर पारस्यक शाहको शाम हामम बहुत प्रसिद्ध है। गजा होने के बाद हो उन्होंने लोथो, रमोसे पारस्य के माथ नाई छिड़ो। यह युद्ध १५५४ अपने छोटे भाई कोरकुद पोर पांच भताजो का प्राग- सक चला था। तुकों ने बोगदाद अधिकार किया, नाश किया। पोछे १५१३ ई में उन्होंने अपने दूमा किन्तु साहके विद्रोहियोंको युबके ममयमें महायता नहीं भाई अहमदको परास्त कर उनका प्राणाम हार किया। पहचाने पर सुलमानने जोते हुए स्वान उन्हें लौटा १५१४ ई० में पारस्वके माथ जो युद्ध हुआ, उ में सलोम दिये। पारस्वके युद्धके ममय में सुलमानको नौ-मेमाने शाह समाइलको जोत कर सारविज अधिकार किया। भिनिशियों के साथ यह किया था। इजियन-सागरके