पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/६८८

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


६७६ सुरुष्क बाद ग्रीम सम्यग रूपमे स्वाधीन हो गया। बभेग्यिा- महमूदन मरम्मद अलीको दमन करने के लिये पुनः राजवंशक उयो प्रथम गजा हुए। नयो लड़ाई प्रारम्भ कर दो ; किन्तु १८३८ की २४ १५२२ बैंक वाद विद्रोहीको दमन वरतं ममय वौं जनको इब्राहिम पाशाके निकट तुरुकको सेना उन्होंने अपना शिय पत्र और श्रेष्ठ राजपुरुषो को टोत मम्म गण रूपमे पराजित हुई । उसके छह दिन बाद हो हुए भी मामुद जनमेरियों का मुन्नी द किया। ऐसा महमूद को मृत्यु हुई। होनेमे तुरु'को नवय गका सूत्रपात हा । मलदेविया २य महमूद पुत्र अबदुल मजिद १६ वर्षको और वालामिया ले कर बढ़त दिनो में रूम माथ अवस्थाम राज्यामि हासन पर बैठे। इम समय नजिक झगड़ा चल रहा था। १८२६ ई में आय-वार्माण को युद्धम पराजय, पुदान पाशा को विश्वासघातकतासे महम्पदालो नौ-ना-दलका नाश तथा विजयो मन्धिके अनुसार मब गड़बड़ी दूर हो गई । इम ममय महमदने दल-बल बहुत बढ़ा लिया। तब भी ग्रोनका ब्रारिम पाणाके आगमनसे मानों तुमका-साम्राज्य विवाद चल रहा था । यूरोपीय राजगण ग्रोगको स्वाधो- विलुनमा हो गया था। इस सहटके ममय मुलतानने नताक पक्षपातो थे। महमुद य रोपोय पाश्रीको अंग्रेजोक साथ (लण्डनमें १८४०ई०को १५ वौं जुलाई घुड़की देकर ग्रोपों मुमलमान अधिकार स्थायी करनके को) एक सम्मि स्थापन को। सन्धि के अनुमार एक दल लिये विशेष यनवान् हुए। १८२६ ई में रूस के माथ अंग्रेजो और फ्रांसोसो नौसेनाने आकर एकर, मिदन, सन्धि को गई। रूस के सेनापति डिविसन ( Diebitch; और सिरोयाकं उपकूलवर्तो कई एक नगरअधिकार मामला नाम स्थानम तुकर्मनिकों को पराजय कर किये । ब्राहिम पाशाने उक स्थान बाध्य हो कर छोड़ माडियानोपन्न अधिकार किया। इस समय पास्किविच दिये। शीघ्र हो शान्ति विराजने लगो। महम्मद नामक एक दूर रूस-सेनापतिने पारजस्म पर पाक मला वार्षिक कर दे तर पुरुषानुक्रमले पाशा को कर मग किया। महमुदन पाडियानोपलेम १८२८ ई०को रहने लगे। रूपके माथ मन्धि स्थापन को, जिससे ग्रोसराज्य निवि. इम समय तुमकके थोड़े मुसलमानोंने उत्पात बाद बाधीन हो गया। मलदेविया और वाला- मचाना प्रारम्भ कर दिया. उन्होंने सोचा इस बार ऐमा सियान वाधीन यामम शक्ति लाभ की। इसके सिवा माल म पड़ता है कि मभो ईसाईका अनुकरण करेंगे, और कई एक देश रूमके अधिकारमें भा गये। १८३१ पालेको रीति-नीति जातो रहेगी। सुतरा इस साम- ई में सुलतानन एजिप्टके पाशा महम्मद अलो पर धावा धर्म को प्रवनति होगो।' ऐसा जान कर उन्होंने प्रस्त्र किया, किन्तु उस युधमें मुमतानको मन्य हो परास्त धारण किया। रमोद पाशाने सबके सामने यह प्रचार हुई । एमके दूसरे वर्ष बाहिम पाशा कनम्तान्तिनोपन्न किया, कि सुलमानक प्रधान प्रजाके मध्य सभी धर्म के मै ६५ कोम दूर कुटाया नामक स्थान तक अग्रसर हुए मनुष्य एक दृष्टि से देखे जायगे। सब कोई समानभाव. थे । १८३३ ई० में एक मन्धि को गई, जिमसे मुहम्मद से अपना अपना धर्म पालन कर सकते हैं, विधर्मियांक अलोन ममस्त मिरीया-राज्य तथा रब्राहिम पाशाने पादन अपर अन्याय करके किसो प्रकारका कर नहीं लिया का कत्त व पाया। इस समय विजयो इब्राहिम पाया जा सकता है; किन्तु यह प्रस्ताव तुरष्कके वृह प्रमार. हाथमे कनस्तासिनोपल बचान के लिये रूस-सम्राट, उमराओंको अच्छा न लगा। मतः वे सबके सब प्रस- मिकोम्नम ने जन्नपथसे एक सैन्य-दल भेजा। इसो सोष प्रकाश करने लगे। इधर यू रोपोय तुरुष्कर्म कारण १८३३ ३० को भाभियर स्क लेसितम एक सन्धि बहुतसो ईमाई-प्रजा वास करतो थो। वे भी अभी हुई, जिसमें यह रिहा कि रूमका कोई विपक्ष- सुविधा पा कर अपना स्वार्थ सरक्षणके लिये कस- दाद नलिस पार कर न मकेगा। १८३५ ई में तुरुकी राजके हाय राज्य ममर्पण करनको प्रस्तुत हुए । रधर मौ मेमाने विपली अधिकार किया। इसके बाद सुलतान फ्रांस, अष्ट्रिया पार लण्ड के राजदूतगण तुमको