पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/१०९

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फुलबुहो-फुलाई लड़के करमसिंह राजा हुए । इस समय समरुकी बेगम ! फुलनी ( हिं० स्त्री० ) ऊसर भूमिमें होनेवाली एक बारह और मराठोंने पतियाला पर चढ़ाई कर दी। प्रथम युद्ध- मासी घास। में अमरकी बहन रानी राजेन्द्र, और द्वितीय युद्ध में साहेब- फलपुर - १ युक्तप्रदेशके इलाहाबाद जिलेको एक तहसील, की बहन रानी साहेबकुमारीने विशेष वीरताका परिचय, यह अक्षा० -५१८ से २५१० पू० गङ्गाके दाहिने किनारे दे कर मुसलमानोंको परास्त किया था । करमसिंहकी अवस्थित है । भूपरिमाण २८६ वर्गमील और जनसंखया मृत्युके बाद उनके लड़के नरेन्द्रसिंह पतियाला सिंहासन दो लाखके करीब है। इसमें १ शहर और ४८६ प्राम पर बैठे। इन्होंने गदरके समय अङ्रेजोंका भलिया था. लगते हैं। इस कारण इन्हें कुछ सम्पत्ति जागीर और 'फर्जान्द २ उक्त तहसीलका शहर । यह अक्षा० २५ ३३ उ० खास दौलत्-इ-इलिशिया मनसुरी जमान अमीर उल- और देशा० ८२ ६ पू०के मध्य अवस्थित है । जनसंख्या उमरा महाराजाधिराज राजेश्वर श्री महाराज इ-राजगण प्रायः ७६११ है। कहते हैं, कि यह शहर १७वीं शता- नरेन्द्रसिंह महन्दर बहादुर'की उपाधि मिली थी । राजा ब्दीमें बसाया गया है। यहां दीवानी और फौजदारी नरेन्द्रके बाद राजा महेन्द्र और पीछे महाराज राजेन्द्र अदालतके अलावा एक अस्पताल, पुलिस स्टेशन, राजा हुए। नाभा और झिन्दके फुलकिया डाकघर, और एक स्कूल है। राजस्व १३०० रु०का है। राजवंशका विवरण अन्यत्र दिया गया है। अन्यान्य फुलमती (सं० स्त्री० । रागिणीविशेष । विवरण पतियाला, झिन्द और नाभा शब्दमें देखो। फुलरा (हिं० पु० ) फुदना देख । फुलचुही ( हिं० स्त्रो०) नीलापन लिये काले रंगकी एक फुलवर ( हिं० पु०) एक कपड़ा जिस पर रेशमके वेल बूटे चमकती चिड़िया । यह हमेशा फूली पर उडती फिरती बुने या कढ़े होते हैं। है। इसकी चोंच पतली और कुछ लम्बी होती है। फुलवाड़िया ---वाराणसो विभागके आजमगढ़ जिलान्त- इस चोंचसे वह फूलोंका रस चूसती है। र्गत एक प्राचीन नगर। उसके भग्नावशेषके ऊपर फुलचोरा --नेपालके अन्तर्गत एक पर्वत-शिखर । यहां आजम खाँ आजमगढ़ नगर बसा गये हैं। लक्ष्मोमूर्ति प्रतिष्ठित है। | फुलवाड़ी -बङ्गालके अन्तर्गत एक प्राचीन जनपद । यहां फुलझड़ी (हिं० स्त्री०) १ एक प्रकारकी आतशबाजी जिससे एक दुर्गका ध्वंसावशेष है। फूलकी-सी चिनगारियां निकलती हैं। २ आग लगाने- फुलवाड़ी--पटना जिलेका एक शहर । यह अक्षा २५३४ वाली बात, ऐसी बातका कहना जिससे विवाद वा और : उ० और देशा० ८५५ पू०के मध्य अवस्थित है। जन- कोई उपदव हो जाय। । संख्या ३४१५के करीब है। फुलझरी - मध्यप्रदेशके सम्बलपुर जिलास्तर्गत एक फुलवाड़ी (हिं० स्त्री० ) फुलवारी देखो। सामन्त राज्य । यह पहाड़ी राज्य १८ गड़जातके फुलवारी (हिं० स्त्री०) १ पुःपवाटिका, उद्यान । २ कागज- अन्तभुक्त है । क्षेत्रफल ७८७ वर्गमील है । समूचा के बने हुए फल और वृक्षादि जो ठाट पर लगा कर राज्य फुलचरगढ़, केलिन्दा, बोइतरी, वासना, बलाद, विवाहमें बरातके साथ निकाले जाते हैं। वार्सरा, सिंघोरा और शङ्करा आदि विभागों में विभक्त फुलसरा (हि० पु० ) काले रंगकी एक चिड़िया। इसके है। यहांके सरदार राजगोंड़ हैं। तीन सौ वर्ष पहले सिर पर सफेद छींटे होते हैं। यह सम्पत्ति पटनाके राजासे उन्हें मिली है। फुलसुधो (हि स्त्री० ) एक चिड़िया, फुलचुही। फुलझर-पूर्व-बङ्गाल और आसाममें प्रवाहित एक नदी । फुलहारा (हि.पु० ) माली। यह बागरा जिलेके करतोया और हलहालिया नदीसे फुलांग (हिं० पु० ) एक प्रकारको भांग। उत्पन्न हो कर यमुनामें गिरी है। फुलाई (हिं स्त्री०) १ खुखंडी। २ पंजाबमें सिन्धु फुलझरी (हिं० स्त्री० ) फुलझड़ी देखो। और सतलज नदियों के बीचकी पहाड़ियों पर होनेवाला