पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/३२३

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बायला-बारकपुर १७ पायला (हिं० वि० ) वायु उत्पन्न करनेवाला, घायुका देशा० ८८२१ पू० हुगलीके पूर्वी किनारे अवस्थित है। विकार बढ़ानेवाला। जनसंख्या १२ हजारसे ऊपर है। यहां अगरेजीका सेना- बायलर (अं० पु०) भापके इंजनमें लोहे आदि धातु निवास स्थापित है। १७७२ ई०से यहांके सेनाबारिकमें निर्मित एक कोठा। इसमें भाप तैयार करनेके लिये सेना रहने लगी है । तभोसे इस बारिकके नामानुसार इस जल भर कर गरम किया जाता है। स्थानका बारकपुर नाम पड़ा है। विख्यात अगरेज-वणिक बायस ( स० पु०) वायस देखो। चर्णक (Joly Charnock ) का यहां पर विश्राम भवन वायस्कोप ( अं० पु०) एक प्रकारका यन्त्र । इसके द्वारा था। १६८६ ई०में उक्त अंगरेज महापुरुषने यहां एक पर्दे पर चलते फिरते हिलते डोलते चित्र दिखलाये जाते बाजार बसाया। सेनानिवासके दक्षिण भागमें बारकपुर हैं। वायस्कोप देखो। पार्क नामक राजकीय उद्यान है। भारतके अंगरेजराज- बायाँ (हिं० वि०) १ किसी मनुष्य या और प्राणीके प्रतिनिधिगण (Hiccrors of India) इस सुरम्य उधाम शरीरके उस पार्श्व में पड़नेवाला जो उसके पूर्वाभिमुख बाटिकामें रहते हैं, इस कारण इसकी छटा निराली है। खड़े होने पर उत्तरको ओर हो, दहनाका उलटा। २ लार्ड मिण्टोने यहां जो बासभवन बनवाया था, मार्किस प्रतिकूल, विरुद्ध । ३ उलटा। (पु०) ४ वह तबला आव हेष्टिस उसका संस्कार कर गये हैं। यहां जो बायें हाथसे बजाया जाता है। यह मट्टो या तांबे लेडी कैनिङ्गका समाधिस्तम्भ विद्यमान है। आदि धातुका होता है। इसे अकेला भी लोग तालके | ___यहां दो वार सिपाही-विद्रोह हुआ था। १८२४ लिये बजाते हैं। ईमें ब्रह्मयुद्धके समय यहांके सिपाही समुद्र हो कर वायु (सं० सी० ) वायु देखो। ब्रह्म जानेको इनकार चले गये। स्थलपथसे जानेमें भी बायें (हिं० क्रि० वि०) १ बाई ओर । २ विपरीत, विरुद्ध । उन्होंने दूनी मजदूरीके लिये प्रार्थना की । इस पर अंग- वारंवार (हिं० क्रि० वि० ) पुनः पुनः, लगातार। रेज सेनापति कार्टराइट साहबने उन्हें बहुत कुछ सम- बार (हिं० पु०)१द्वार, दरवाजा। २ आश्रय-स्थान ।३ माया बुझाया, पर वे कब माननेवाले थे, सबके सब दरबार। (स्त्री०) ४ काल, समय । ५ अति काल, देर। बागी हो गये। फिर नवम्बर मासमें उन्होंने गवर्मेण्टके ६ दफा, मरतवा। (पु.)७ धार, बाढ़। ८ घेरा वा | विरुद्ध तलवार उठाई । अंगरेज सेनाध्यक्ष पेगेटने उन्हें रोक जो किसी स्थानके चारों ओर हो। नाव, थाली शान्त करनेको खूब चेष्टा की, पर कोई फल न निकला। भादिको अवठ, किनारा । १० किनारा, छोर । (फा० पु०) आखिर उन्होंने सेनादलको युद्धक्षेत्रमें अप्रसर होनेका ११ बोझा, भार । १२ वह माल जो नाव पर लादा जाय। हुकुम देते हुए कहा कि यदि वे इस आशाका बारक (हिं० स्त्री०) छावनी आदिमें सैनिकोंके रहनेके लिये उलङ्घन करेंगे, तो उन्हें अस्त्रत्याग करना कर्तव्य है। बना हुआ पक्का मकान। इस पर भी जब उन्होंने कान नहीं दिया, तब पेगेटके बारककत (हिं० पु०) एक पौधा जो सांपके काटनेकी औषध सहचर कमानवाही अंगरेजोंने उन पर गोली बरसाना है। इसकी जड़ पीस कर उस स्थान पर लगाई जाती है। शुरू कर दिया। वे अंगरेजोंकी तोपके सामने बहुत देर जहां सांप काटता है। तक न ठहर सके और जान ले कर भागे। कुछ ने तो बारकपर-१ बङालके २४ परगनेका एक उपविभाग यह नदीमें कूद कर प्राणरक्षा की और कुछ अंगरेजों के अक्षा० २२.३५ से २२५७ उ० तथा देशा० ८८३१ पू० सामा0 हाथसे बन्दी और निहत हुए। हुगलीके बायें किनारे अवस्थित है। भूपरिमाण ११० १८५७ ई०में यहां फिरसे विद्रोहाग्नि धधक उठी। वर्गमील और जनसंख्या दो लाखसे ऊपर है। इसमें १२ चवीं मिला हुआ कारतूस छूनेसे जात जायगी, इस शहर और १६३ प्राम लगते हैं। भयसे उन्होंने अंगरेजों के विरुद्ध अवधारण किया। २ उक्त जिलेका एक नगर । यह अक्षा० २२४६ उ० तथा जेनरल द्वारा उन्हें हिताहितका शान कराने पर भी Vol. xv. 80