पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/३२४

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बारकल-धारभूया उन्होंने एक भी न सुनी । वह विद्रोहाग्नि धीरे धीरे | बारना (हिं० क्रि०) १ निवारण करना, मना करना।२ भयङ्कर रूप धारण करती गई। दिनों दिन सिपाही प्रज्वलित करना, जलाना। दलकी आक्रोश चिनगारियां बाहर निकलने लगीं। बारनिश ( अ स्त्री०) फेरा हुआ रोगन या चमकीला २०वीं मार्च को मङ्गल पांडे नामक ३४वें देशीय पदाति- रंग। दलके किसी कर्मचारीने लेफिनाएट वाफ और सजे एट चारवटाई (फा० स्त्री० ) वह विभाग जो फसलको दानके मेजरको गोलीसे उड़ा दिया और दूसरे दूसरे सिपाहियों- पहले किया जाय, वोझबटाई । को उनमें शामिल होनेके लिये उभाड़ा। जिस रक्षक- बारवधूटी (हिं० स्त्री० ) रडी, वेश्या। सिपाही दलने उपस्थित घटनाका लक्ष्य करके भी मङ्गल- बारबरदार (फा० पु०) बोझो ढोनेवाला। पाण्डे को नहीं रोका था, वे भी भगा दिये गये। मङ्गल बारबरदारी (फा० स्त्रो०) १ सामग्री आदि ढोनेकी . पांडेको पीछे अंगरेज सैनिकविचारसे फांसीको सजा क्रिया, सामान ढोनेका काम । २ सामान ढोनेकी सिपाहीद्ध देखो। मजदूरी। पारकल---१ चट्टग्रामकी पहाड़ी जमीनमें विस्तृत एक बार या* ---बङ्गालके बारह भौमिक वा राजा उपाधिधारी गिरिमाला। इसकी ऊँची चोटीका नाम ढङ्ग है ! यह जमींदार । आईन-इ-अकबरी, अकवरनामा आदि मुसल. अक्षा० २२४१ उ० तथा देशा० १२२२ ०के मध्य मान इतिहास में इन सामन्तों में से किसी किसीका उल्लेख अवस्थित है। यहांके जगलमें सैकड़ों जंगली हाथी देखा जाता है। इन लोगोंमेंसे कुछ तो पहलेके और विचरण करते हैं। अनेक सम्राट अकबर शाहके समसामयिक थे। सेना- २ उक्त गिरिमालास्थ एक जल-प्रपात। यह अक्षा० पति मानसिंह जब बंगाल पर चढ़ाई करने आये, उस २३४३ उ तथा देशा० ६२२६ पू०के मध्य अव समय किसी किसीके साथ उनकी मुलाकात हुई थी। स्थित है। मुसलमानी अमलमें भी उन बारहमेंसे आधा बङ्गालका पारकोर (सं० पु.) यूका, जोक। शासन करते थे। सम्राट अकबरशाह उनसे बङ्गालका बारगह ( हि स्त्री०) १ डेवढ़ी । २ डेरा, खेमा।। राजस्व लेते थे और जरूरत पड़ने पर सैन्यसंग्रह करके बारगीर (फा० पु० ) वह जो घोड़े के लिये घास लाता उन्हें दिल्लीश्वरकी सहायता भी करनी पड़ती थी। और उसकी रक्षा आदिमें साईसको सहायता देता है। एक समय १२ अधिपतियोंके द्वारा समूचा बङ्गाल- पारग्राम--कीकटदेशके अन्तर्गत एक प्राचीन प्राम। यह राज्य परिचालित होता था, इस कारण सभी लोग गङ्गा और कर्मनाशाके सङ्गमस्थल पर अवस्थित है। बङ्गल देशको धारभूये बङ्गाल' कहते थे। उन बारह 'बारजा (हिं० पु. १ कोठा, अटारी। २ बरामदा।३ भौमिकोंका परिचय इस प्रकार है,- 'कमरक आर्गको छोटा दालान। ४ मकानके सामनके नाम जहाँके राजा जाति दरवाजों के ऊपर पाट कर बढ़ाया हुआ वरामदा। राजा कन्दर्पनारायण राय चन्द्रद्वीप वसुवंशीय पारण (संपु०) वारण देखो। वङ्गाज कायस्थ पारतुंडी (सस्त्री०) आलका पेड़ । प्रतापादित्य यशोहर गुहवंशीय , वारदामा (फा० पु०) १ व्यापारकी चीजोंके रखनेका लक्ष्मणमाणिक्य भुलुया शूरवंशीय , परतन । २ फौजके खाने पीनेका सामान, रसद । ३ खराब मुकुन्दरामराय भूषणा देववंशीय। लोहे, लकड़ी आदिके टूटे फूटे सामान । चांदराय और केदारराय विक्रमपुर घृतकौशिक पारदिया--पश्चिम मालवके अन्तर्गत एक अंगरेज-रक्षित . गोत्रदेववंशीय चांदप्रताप मुसलमान सामन्त राज्य। ठाकुर राजगण यहांका शासन करते।

  • भूमिहार शब्दका अपभ्रश।

चांदगाजी