पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/३६

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


प्लाति-प्लिनि प्लाक्षि ( स० पु० ) : प्लक्षका गोलापत्य । ( स्त्री० ) २ पर लगाते ही यह दृढ़तापूर्वक बैठ आता और फैल कर प्लाक्षी। सन्धियों आदिको भरने लगता है। प्लाट ( अं० पु०) १ इमारत बनाने या खेती आदि करनेके प्लिनि--जगद्विख्यात रोमक पण्डित। इनका पूरा नाम लिये जमीनका टुकड़ा। २ षड़यन्त्र, माजिश । ३ उप- था कायस प्लिनियस सिकण्डस ( Caius Plinius Se- न्याम, नाटक या काय आदिको वस्तु या मुख्य कथा- cnndus)। इनका अभ्युदय होने पर प्लिनि वंशका मुख भाग, वस्तु । ४ इमारत बनानेका नकशा। ५ कोई उज्ज्वल हुआ था। जनसाधारण इन्हें 'दि एल्डर' कहा कार्य करनेका निश्चित किया हुआ ढंग, मनसूबा। ! करते थे।(१) यौवनकालमें इन्होंने युद्धविद्यामें पारदर्शिता प्लाटफार्म ( हि पु० ) प्लेटफार्म देखे । प्राप्त की। इसके बाद शकुनशास्त्र पढ़नेके लिये ये विद्या- प्लायोगि ( स० पु० ) प्रयोगनाम्नः राज्ञः पुत्रः इ वेदे : लय (college of augurs) में भी हुए जर्मनयुद्धका रस्य लः। प्रयोग नामक राजाका पुत्र । इतिहास शेष कर इन्होंने धर्मशास्त्र (Jurisprudence). प्लाव ( म० पु० ) १ परिपूर्णता। २ गोता, डुबकी।। का अभ्यास किया था । सम्राट भेसपिसियनके प्लावगा (सं० पु० ) मर्कट, बन्दर । आदेशसे पे स्पेन-राज्यके प्रतिनिधि नियुक्त हुए । वहां प्लावन ( स० क्ली० ) प्लु-णिव ल्युट् । १ द्रवद्रव्यका रहते समय ये दिनको तो राजकार्य चलाते और रातको ऊर्ध्वप्रापण, तरल पदार्थको ऊपर फेकना।२ मजन, पाठाभ्यास करते थे। उनका स्पेन-शासन साधता म्यूब अच्छी तरह धोना, बोर । ३ बन्या, वाढ़। ४ सन्तरण, और निरपेक्षतासे पूर्ण था । एक दिन नौसेनापति तैरना। रूपमें ये नेपलस् उपसागरवत्ती मिसेनियम् नगरके प्लादित ( सं पु० ) प्लु-णिच क । जो जलमें डूब गया सामने जहाज पर दलबल समेत ठहरे हुए थे । इसी हो, पानी में डूबा हुआ। समय भिसुभियस पर्वतसे इन्होंने मेघवत् देखा। प्लाष्य (स० वि०) प्लु-ण्यत् । जलमें डुबानेके योग्य, जो अब ये इसका कारण जाननेके लिये बड़े उत्सुक हुए और इसी उद्देश्यसे समुद्रकी राहसे उक्त पर्वत पर जलमें डुबाया जाय। पहुंचे। यहां आते ही दग्ध गन्धकको गन्धसे इसकी प्लाशि ( स० स्त्री० ) प्रकर्षेण अश्नाति भुक्तऽनया प्र- । सांस रुक गई। आखिर इसका कुल रहसा इनको अश् करणे इ, वेदे रस्य ल । शिश्नमूलस्थ नाड़ी, पुरुषके समझमें आ गया। इन्हों ने जितनो पुस्तके बनाई हैं मूत्रेन्द्रियको जड़के पासकी नाड़ी। उनमें 'जगतेतिहास' ( Natural History ) नामक प्लाशुक ( सं० त्रि० । प्रकर्षेण आशु कायति कै-क, वेदे ग्रन्थ प्राचीनतम ऐतिहासिकतत्त्वसे पूण है । वह रस्य-ल ! प्रकर्ष रूपसे आशु पच्यसान, जो शीघ्र पक ग्रन्थ एक महाकोषके जैसा है और ३७ भागों में समाप्त जावे। हुआ है। इसका शेष छठा भाग मृत्युके दो वर्ष पहले प्लाशुचित् (सं० अध्य० । शीघ्र, जल्दो। (१) अपने भतीजे प्लिने दि-यगरको अपने गोद लिया प्लास्टर ( अं पु०) १ एक डाकृरो औषध। यह औषध था। यह बालक भी पालक-पिता की तरह प्रतिभाशाली शरीरके किसी रुग्न अङ्ग पर उसे अच्छा करनेके लिये निकला। उन्होंने तेरह वर्षकी अवस्थामें एक ना नाटक लगाई जाती है। - इंटों आदिकी दीवारों पर लगानेके . ग्रोक-भाषामें लिखा। रोम-सम्राट् ट्राजनके राज्याभिषेक. लिये सुखी चूने आदिका गाढ़ा लेप, पलस्तर। कालमें उनकी कीर्तिवर्णना करते हुए जी वक्तृता थी, वह प्लास्टर आफ पेरिस ( अॅ० पु० ) एक प्रकारको ठोस और । साहित्य-जगत्में 'Panegyric on Trajan' नामसे प्रसिद्ध कड़ा अङ्गरेजी मसाला। यह धातु, चीनी, पत्थर और है। राजाके अनुमहसे भाप पण्टस और विथनियाके शासन- शोशे आदिके पदार्थों को जोड़ने और मूर्तियां आदि कर्ता नियुक्त हुए। इनका जन्म २० और मरण ११६ बनानेके काममें आता है । जलमें मिला कर किसी स्थान , ई०म हुआ था।