पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/४४५

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बुद्धदेव अनन्तर बुद्धमे भिक्ष कोंसे कहा, 'हे भिक्ष गण ! संयो- सावधान हो कर अपना अपना काय करोगे, बस यही गोल्पन्न पदार्थका क्षय अवश्यम्भावी है। तुम लोग मेरा अन्तिम वाक्य है । बौद्धोंक उपास्य बुद्धपद। . तिदन्तर बुद्धदेव प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ | शानन्त्यायतन, विज्ञाननन्त्यायतन, आकिञ्चन्यायतन, नैव- ध्यानमें यथाकम विहार करने लगे। फिर उन्होंने आका- संशा या सहायतन और सहा वेदयित निरोध इन सब