पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/९९

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फिरना-फिरिङ्गी तब वजीरके उद्देश्यसे उन्होंने एक विद्रपात्मक ग्रन्थ लिख फिरवाना (हिं० कि०) १ फेरनेका काम कराना । २ फिराने. कर सुलतानके पास भेज दिया और आप माजन्दराण का काम कराना। देशको भाग गये। जाते समय उन्होंने यह भी कहा था, फिराक ( अ० पु०) १ वियोग, विछोह । २ चिन्ता, कि जब कभी सुलतानका मन किसी राजकीय व्यापारसे खटका। ३ खोज, टोह। निपीड़ित होवे तब वे उस ग्रन्थका अवश्य पाठ करें। फिराना (हिं० क्रि० ) १ इधर उधर चलाना, ऐमा चलाना पीछे वह प्रन्थ पढ़नेसे महमूदको मालूम हुआ, कि कि कोई एक निश्चित दिशा न रहे। २ चक्कर देना, उन्होंने सदाके लिये अपना सम्भ्रम खो दिया है। वजीर- नचाना या परिक्रमण कराना । ३ एक ही स्थान पर रख को उन्होंने दरबारसे निकाल भगाया और फिरदौसीकी कर स्थिति वदलना। 8 सैर कराना, टहलाना। ५ खोजमें आदमी भेजा ! इधर फिरदौसी निरापद होनेके , ऐंठन , मरोड़ना। किसी और जाते हुएको दूसरी लिये बोगदादको सभामें उपस्थित हुए। यहां आ कर ' ओर चला देना, घुमाना। ७ लौटाना, पलटाना। ८ उन्होंने शाहनामाके शेषमें खलीफाके प्रशस्तिमूलक परिवर्तन करना, बदला देना। : विचलित करना, बात १००० श्लोक और जोड दिये। खलीफाने प्रसन्न हो पर दृढ़ न रहने देना। कर उन्हें साठ हजार स्वर्णमुद्रा प्रदान की। इधर सुल- फिरार ( अ० पु० ) भागना, भाग जाना। तान महमूदने भी सम्मानसूचक परिच्छदके साथ प्रति- फिरारी ( फा० वि० ) १ भागनेवाला, भगोड़। २ वह श्रुत ६० हजार स्वर्णमुद्रा भेज दी। किन्तु वह कविके अपराधी जो दण्ड पानेके भयसे भागता फिरता हो। निकट पहुंचनेके पहले ही वे इहलोकसे चल बसे थे। फिरिङ्गी चट्टग्रामके खुष्टान अधिवासी पुर्नगोजके वंश- जन्मभूमि तुष (वर्तमान मसद) नगरमें हो १०२० ई०को धर। ये लोग पुत्तंगीज गौरवके समय धनशाली वणिक् ८६ वर्षको अवस्थामें उनकी मृत्यु हुई। शाहनामाके समझे जाते थे। वाणिज्य और दस्युवृत्ति के लिये ये अलावा उन्होंने 'अवियात् फिरदौसी' नामक एक और जहाज रखते थे। अभी चट्टग्राममें जो सब पुर्शगीज भी काम्य लिखा था . रहते हैं वे रोमन कैथलिक हैं । बहुतेरे खेती बारी करके फिरना हिं० कि० , १ विचरना, टहलना। २ चक्कर अपना गुजारा चलाते हैं। पुर्तगाल ओर चट्टग्राम देखो। लगाना, बार बार फेरे खाना। ३ भ्रमण करना, इधर इन लोगोंकी प्रकृति अति जघन्य है। १६वीं शता- उधर चलना। ४ प्रत्यावर्तित होना, पलटना । ५ मरोड़ा ब्दीके आरम्भमें ये क्रीतदासकन्या रखते थे। उन दास- जाना, ऐठा जाना । ६ किसी ओर जाते हुए दूसरी कन्याओंको उपपत्नीरूपमें भाई पर दे कर अर्थ सञ्चय ओर चल पड़ना, मुड़ना। ७ परिवर्तित होना, विपरीत करते थे। वर्तमान फिरिङ्गी ऐसी संस्कारोत्पत्तिसे होना। ८ लीप या पोत कर फैलाया जाना, चढ़ाया विलकुल वञ्चित हैं। परिच्छदके सिवा इनके और जाना। यहांसे वहां तक स्पर्श करते हुए जाना, रखा कोई पैतृक अवलम्बन नहीं है। वर्ण और आकृतिमें जाना। १० वापस होना। ११ एक ही स्थान पर रह - भी ये देशी लोगोंकेसे हैं। इनमें मघ और मुसलमान- कर स्थिति बदलना, सामना दूसरी तरफ हो जाना। १२ रक्त मिला हुआ है। पत्नी वा उपपत्नीजात दोनों ही विरुद्ध हो पड़ना, लड़ने या मुकाबला करनेके लिये प्रकारके पुत्रोंका पितृ नाम रखा जाता है। पहले इनका तैयार हो जाना । १३ प्रतिक्षा आदिसे विचलित होना, डाक नाम और पदवी पुर्तगीजोंसी थी। अभी बहुतोंने बात पर दूढ न रहना। १४ सीधी वस्तुका किसी ओर । अंगरेजी डाकनामका अनुकरण करना सीख लिया है। मुड़ना, मुकना। १५ घोषित होना, चारों ओर प्रचारित उस देशके लोग इन्हें 'मैटेफिरिङ्गी' वा 'काला-फिरिङ्गी' होना। कह कर घृणा करते हैं। विद्याशिक्षाके अभावसे पे लोग फिरवा (हिं० पु० ) १ गलेमें पहननेका सोनेका एक आभू- षण । २ सोनेकी अंगूठी जो तारको कई फेरे लपेट कर अभी अति हीन हो रहे हैं। बहुत दिनों तक देशीय संचवमें बनाई गई हो। रहने तथा मातृकुल मघ वा मुसलमान होनेके कारण ये Vol. xv. 24