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पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष भाग 4.djvu/४०९

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काबुल-काम

रेनोंके एक रसोडण्ट रहनेका बात ठहरी। सर लूइस रसोडण्ड बन काबुल गये उस समय भी पफ- गान बिलकुल थान्त न धे। री सितम्बरके दिन ही सर लूइस ससैन्य छसपूर्वक मारे गये। उस समय माजसे कोई तीन वर्ष पहिले भूतपू' प्रमौरको कुरम उपत्यकाम सर फ्रेडरिक रावर्ट अंगरेजी सेना लिये अपेक्षा करते थे। अंगरेज गवरनमेण्टने उन्हें काबुल जानेको अनुमति दी। राबर्टने ससैन्य प्रस्थान किया था। रास्ते में नाना विघ्न बाधाओं का प्रतिक्रम करना पड़ा। वौं अक तोबरको उन्होंने कावुल पर अधिकार किया था। अंगरेन सैन्यने बालाहिसार, किला और राजभवनका अधिकांश तोड़ डाला। प्रमोर याकूब खान्ने पदत्याग किया। अंगरेज काबुल अधिकार किये रहे। अफगानोंने सोचा था कि 'अंगरेज लौट जावेंगे। किन्तु उन्हें बैठा देख सब लोग असन्तुष्ट हो गये। थोड़े दिन पीछे अफगानोंने काबुल और बालाहिसार दख्त किया । २३वीं सितम्बरको शेरपुरमें एक शुद्ध हुआ। उसमें अंगरेज ही जीते थे। किन्तु उन्हें शेरपुरमें अवरुद्ध हो रहना पड़ा। २३वौं दिसम्बरको वहां ५० हजार अफगान सेनाने पहुंच अंगरेजी पर पाक्रमण किया था। किन्तु वह परा जित हुई। दूसरे दिन अधिकतर अंगरेन-सेना पहुंच गई। काबुल फिर अंगरेनौके हस्तगत हुवा। उसके पीछे ३ मास तक कोई उपद्रव न उठा । २२वौं जुलाईको अबदुररहमान कावुसके प्रमोर मनोनीत हुये। अगस्त. मासमें अंगरेज सेना लौट आई। अमीर अबदुररहमानके शासनसे शान्ति स्थापित हुई। १८८१०को याकूब खान्ने पाक्रमण. किया था। गोंद। यह रूमौ मस्तगीसे मिलती और उसकी जगह किन्तुःयह पराजित हो हिरातकी राह पारस्य शी और चले गये। उसी वर्ष प्रमोरने एक बार कावुल छोड़ दिया था। फिर बादक और कोरिस्थानके लोग विद्रोही हुये। किन्तु धीरे धीरे शांति हो गई। १८८४० को रुस-चैन्य मा पर पधिकार कर प्रफ गामस्थानकी मौमाम जा पहुंची थी। अंगरेजोंने रूस और अफगानस्थामको सीमा खिर करनेके सिये ३. कर्मचारी और ४०० सिपाही भेज दिये । . १८८५ को भारतके गवरनर जनरल सार्ड डफरिनन रावस.

पिण्डो में एक दरवार किया था। अमीर उसमें निम- त्रित हुए। मार्च मासके शेषमें घमौर अबदुर रहमान वहां पाए थे। एकपक्ष सका वह पापस गए।

सोनमें किसीने मार डाला था। उनके पीछे कनिष्ठ पुव प्रमान उल्ला खानको काबुम्तका राजपद प्राप्त हुवा, किन्तु उन्होंने अंगरेजों के विरुद्ध युद्ध घोषणा की। किसनी हो खून खराबीके पीछे युद्ध बन्द हुवा। फिर अफगानोंका एक दूतदन सन्धि करने भारत पाया, भारतसे भी अंगरेजोंका दूस-दल कावुच सन्धिको बातचीत करने गया। गत २८वीं फरवरीको काबुल और रूससे भी एक सन्धि हुयो है। कहते हैं उस सन्धिके अनुसार प्रमौरने रूसी बोलशेविकोंको भारत पर आक्रमण करने के लिये अफगानस्तानको राह सेना ले जानेका अधिकार दे दिया है। काबुसकी समस्या पानकल बहुत टेदी पड़ गयी है।

३ अफगानस्तानको एक नदी। इसी नदीके तौर कावुल नगरी है। ऋग्वेदमें यह नदी कुभा नामसे कही गई है । कुमा देखी।

- काबुली (हिं. स्त्री०) कुभासम्बन्धीय, काबुलके मुताल्लिक ।

कावुलो बबूल (हिं. पु०) वृक्ष विशेष, एक तरहका बबूल। यह भारतमें प्रायः सर्वत्र मिलता और सरोकी तरह सीधा चलता है। इवे राम बबूत भी कहते हैं।

कावुलो मस्तगी (फा० स्त्री०) निर्यास विशेष, एक काममें पाती भी है। वृष बम्बई प्रान्त और उत्तर भारतम होता है। इसे 'बम्बईकी मस्तगो' भी करते हैं।

काबू (तु.पु.) १ पकड़, पन्ना, पहुंच । २ अधि- कार, इतियार।

काम (सं.. लो०) कामाय हितम, कम्-प्रा। १पक, वीर्य । २ यथड, वाजिब बात। ३वाछा, चाधिय। ४ खोकारवाकर, इकरारिया जुमा। ५ अनुमति, ससाहा (पु.) बाम्यते असौ घन् ।