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पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष भाग 4.djvu/४८

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कमलाकार—कमलासन

राजेन्द्रलाल मित्रकी भाँति इनका नाम पृथिवीके सकल स्थानोंमें विघोषित हो जाता।

कमलाकार (सं० पु०) १ एक छप्पय। इसमें २७ गुरु एवं ३८ लघु अर्थात् १२५ वर्ण और १५२ मात्राका समावेश होता है। (छन्दो०) २ कमलका आकार रखनेवाला, जो कमल जैसा हो।
कमलादेवश्च (सं० पु०) पुण्यस्थानविशेष, एक परस्तिय-गाह। इसे कमलातीने बनवाया था। (राजत०)
कमलाक्ष (सं० त्रि०) कमलाक्षिव अक्षि यस्य, बहुव्री०। १ पद्मकी भाँति सुन्दर चक्षुविशिष्ट, जो कमलकी तरह आँखें रखता हो। (पु०) २ पद्मबीज, कमलगट्टा। यह स्वादु, रूक्ष, पाचन, कटुक, शीतल, तुवर, तिक्त, गुरु, विष्टम्भकारक, गर्भस्थितिकर, हृद्य, वातकर, वच्य, ग्राही, कफघ्न एवं लेखन और पित्त, रक्त, वमि तथा दाहनाशक है। (वैद्यकनिघण्टु) ३ स्थानविशेष, किसो जगहका नाम।
कमलायजा (सं० स्त्री०) दरिद्रा, दरिद्री।
कमलादेवी—१ कादम्बराज शिवचित्तऔरप्रभादिदेवकी पटरानी। दाक्षिणात्यकी शिलालेख पढ़नेसे समझात—कमलादेवीके पति गोपकपूरी (गोवा) में राजत्व करते थे। यह अपने पतिकी प्रियतमा महिषी रहीं। देवद्विजपर इन्हें बड़ी भक्ति श्रद्धा थी। अपनी दानशीलता और परोपकारिताके गुणसे यह श्रेष्ठ रमणीके मध्य परिगणित रहीं। इन्होंने वेद-वेदाङ्ग-पारदर्शी ब्राह्मणोंको अनेक ग्राम दे डाले। फिर इन्हींके अनुरोधसे ११७४ ई०को कादम्बराजने ब्राह्मणोंको देगम्ब ग्राम प्रदान किया। कमलादेवी उमाको पूजती थीं।

इतिहासमें दूसरी कमलादेवीका नाम भी मिलता है। नीचे उनका विवरण लिखा है,—

२ गुजरातके राजा करणरायकी परमासुन्दरी पत्नी। १२९७ ई०को सम्राट् अला-उद्-दीन खिलजीने गुजरात जय किया था। उस समय बन्दियोंके साथ कमलादेवी भी दिल्ली पहुँचायी गयीं। कुछ दिन पीछे अला-उद्-दीनकी कुशलता और रोचकतासे इन्होंने सम्राट्को गले लगाया था। फिर १३०६

ई०को कमलादेवीके गर्भसे उत्पन्न गुजरातकी राजकन्या देवलदेवी भी दिल्ली पहुँच गयीं। अला-उद्-दीनके पुत्र शाहजादे खिज़्र खाँ उनके रूपसे मुग्ध हुए थे। अवश्यही देवलदेवी और शाहजादे खिज़्रखाँका भी विवाह हो गया। मुबारिक शाहने सम्राट् बन अपने भ्राता खिज़्र ख़ानको ग्वालियरके निकट बन्द कर मारा और देवलदेवीको घरमें डाला था। खिज़्र ख़ान और देवलदेवीका प्रणय कथापर तद्गानीन्तन राजकवि अमीर ख़ुसरो एक सुन्दर फ़ारसी काव्य लिख गये हैं। इतिहासलेखक मुसलमानोंने कमलादेवीको 'कंवला देवी' कहा है।

कमलानन्दन—कमलाके पुत्र दिनकर मिश्र।
कमलानिवास (सं० पु०) लक्ष्मीका वासस्थान, कमल।
कमलापति (सं० पु०) कमलायाः पतिः, ६-तत्। लक्ष्मीके स्वामी, विष्णु।
कमलायताक्ष (सं० त्रि०) कमलके समान दीर्घ चक्षु रखनेवाला, जिसके कमलकी तरह बड़ी आँख रहे।
कमलायुध (सं० पु०) १ संस्कृतके एक प्राचीन कवि। २ कान्यकुब्जके एक प्राचीन नृपति।
कमलालय (सं० स्त्री०) मन्द्रालप्रान्तीय तञ्जौर जिलेके तिवलूर नगरका एक पवित्र तीर्थ। यहाँ महादेवकी लिङ्गमूर्ति विद्यमान है।
कमलालया (सं० स्त्री०) कमलं आलयो यस्याः। कमलमें रहनेवाली लक्ष्मी।
कमलासख (सं० पु०) कमलायाः सखा, टच्, ।राजा० सखिष्टच्, १। ५। ५४ । ९।लक्ष्मीके सखा विष्णु।
कमलासन (सं० पु०) कमलं आसनं यस्य, बहुव्री०। १ कमलपर बैठनेवाले ब्रह्मा।"आत्मानं पूर्ण' कमलासनेन।" (कुमार) (स्त्री०) कमलाया लक्ष्म्या असनं क्षेपणं दानमित्यर्थः। २ लक्ष्मीका दान। ३ पद्मासन। यह दो प्रकार -होता है—बद्ध और मुक्त। मुक्तमें वामपद पहले दक्षिण पदकी जङ्घापर चढ़ाया जाता, फिर दक्षिणपद वामपदकी जङ्घापर आता है। अन्तको दोनों हाथकी हथेली जानुपर खुली रखते हैं।