पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/१००

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रोपायफला-ौरान जो पेटके बीचो दीच नाभिसे ऊपर की ओर गइ होतो रोलर (म. पु० ) १ दुलक्नेवाली वस्तु, घेन ।२ है। पर्याध-रोमलता रोमाग, लोमरानि। यह मा | छापेमानेमें स्याही दोका येर। यह सरेम और गुड पली जपानीके शुम्में होती है। (रसमजरी) मिला कर बनता है। इसा पर सही लगा कर टाइपों रोमाप्रपा ( स० वा. ) रोमाभ्रय फलमस्या पर फेरी जाती है। झिमझिरिष्टाप झिझिरोग नामका पौधा। रोलर झम (म. पु० ) घेलनको कमाना | इस रोलर रोमो नि (स० स्त्री०) रोना उद्गतिः उगम । रोमान्च, लगा र स्यादी तथा टाइपों पर फेरन हैं। यह लोहा पुल। । एक दलका या घेरा होता है जिसमें एक पेचदार छ। रोमोदम ( पु.) रोम्नामुगम । रोमाञ्च रेयाका रगी होती है। ऊपर पाठको दी मुठिया होती है हय या भयस पडा हाना। जि हे पकड कर सिल पर भ्याही पोसते मीर अक्षरों रोमोझेद (स० ० ) राम्नामुदि । रोमाञ्च, रोमहर्ष। पर फेरते हैं। रोमिलघुध---तमापामाप प्रणेता।। रोलर मोह (40 पु०) सरेस येल्न दालनेश सामा। रोया (हि. पु० ) याल जी सब दूध पिनाने वाले प्राणि । यह दो प्रकार होता है,--(१) चोंगा, जिमम देउन यो परीर पर शो या बहुत उगते हैं लोमा ठेल कर निकाला जाता है । येलन डालने समय इसमें रोर (१० स्त्री.) बहुत से लोगोंकि मुहमे निकल कर पीसा पडिया तथा रेडीका तेल लगा दिया जाता उठी हुई ऊचो सम्मिलित ध्यान करयर 1२ घमासान, जिमम मोद्धम मरेस न पडले । (२) दो काका हलचल। ३ पटुत-से लोगोंके रोने चिल्लाना शब्द।। जिसके पल्ले अलग अलग होते हैं। देखोर देनेले वि०) ३ प्रचण्ड, तेज। 8 उपद्रयो, अत्याचारा। । गेलर सहज में निकल पाता है। रोपण (स.पी.) अतिशय घोर दा रोला (स.पु०) पक छन्द । इसके प्रत्येक चरणमें रोरा (६. पु.) १ चूर गाजा। २ र देग्यो। ११+१३के विथामसे २४ मानाप होती हैं। किसी रोरो (हि.सी.) हरदी चनेसे पनी हु लाल रगको पिसफा मत है, कि एमवे मातमें दो गुरु अश्य माने पुषनी जिसका तिर गाते हैं। २ चहर पर, चाहिए। पर इसे सब फोह नहीं मानते है। घना (वि. स., चिरा (०) रोला (दि० पु०) १शोरगुल, कोलाहट । २ घमासान सुनिया पाग पर प्रकारका रत्न। । युद्ध। ३ जूठे यरतन माननेका काम, चौदा वरतन रोश ( स. १०) ननपदभेद। करनेका पास। रोग्दा म मा० ) द यह रोदय साम्। प्रत्य त रोटरी (६० प्रा०) चूने दोसे बनी हु लार युक्नो दन और वियप। जिसका तिटकराते हश्राइमक धनानेवातराका- रोल (म0पु०) १६रा अदरक। २ तालाशपन तेज | लोहेकी कडाहीम चूनेका पानी भर कर उममें हल्दी, पत्ता घटाइ और सीना गलानेका मुद्दामा हाल पर अग्नि पर रोर (हि. पु.), पानीका तोड, पहार । २६पानीको | पकाते हैं। पीछे सुगा कर छान लेते हैं। तरहका पप बाजार निसस बरतनकी नपकाशीती रोपना (दि. फ्रि०) १रोना देना। (जि०) २ बहुत जल्दी मोन सा की जाती है। (स्त्रो०) २ रोह कोरा रोनवाला, बहुत भल्दो गुग माननेवाला । साया इट।४शद ध्यान। रमें भी युराजापाला, प्रिटीगाला। रोलक्ष्य स.पु०) पर चित्रर। (कपाठरित्सा० ५१३७) रोपासा (हि. घि० , जो रोने पर तैयार हो, जो री रोश्व (स.पु०) रीतीनि च विच, रोः कुजन् सन् | देना चाहता हो। निधाना तर गच्छताति रो रम्ब रोशंसा (स. स्रो०) का भमर, मोगा (नि.) ! रोशन (फा०वि०) १ जलता हुआ, मदाम । २ प्रशा ol xx 23