पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/२८४

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माना लाजपत राय ८६ परिधमक कारण उ7 या माता आप स्वास्थ्य और न्यायपर अधिवामी भारतवासीका दुप्प सुपर फुट गया था। 27147 भ नव भारती उन दुख छुडाने निये चेष्टा पगे। धिन पीछे रयन्य सिरण इनाम माधारणको ताने माम! कि ये लोग पागेश गुण खो बैठे हैं। धान डिा , तब मि० गोत्र और मा जान पर उद्यत लागनीका यस्ततामे गरमगर इतना डर गइ थी, हुए थे। यह मा पर बहुत नगा आप ATTET पा र मरठि इवेटमनो भारतक पड़े लाट दुसरा द सुनाई। सुनन हा नाक ममा रेपर 3 मिटो गौर सेरेटरा भार स्टे लाट मारलीमे मोमोनरिटवाय पE गये पिर मगह कर १८६० रेगु देशन तीसरे अनुमार आप वदासे युगेप और स्था। गौर अमेरिका गर्य। को गिरफ्तार पर विना विचार किये हो गुप्त फेदना आप RITET उप कमान को निकायो मरा दिया ! पोंकि डाहा ग्याल था, कि दपना था। माम पुन - 212 आये और मि. लालाजाको फेद करनसे पवावर्म गान्ति रहगा पर इस बलेर माय मिल कर बहुत म राननैनिक काय उटा हा निजागा शानिक पदले ममूचे यसप और नमेरिकामभ्रमण राम आपस हारी मारनमें गतिफ7 | थरम्या माश भारत्यकी साम्याशी तुलादाने आपका विश्वास था, शिगमएटर मदन पहुनासे वासुयोग गि-1। उन द स ममय राजनिष मारमा नाति नहीं हो सपने भीर 7 उनके क्षमता नागों और गमए 4 7 सानो । दासे भारतीयों उत्तेनना घट सकता है। आपका रहा था रेपिन भारतम उसका पुत्र भी नामो पाया था, कि भारतीयाका एकमान धर्म म्वदेशम FHIT न था। पात्र त्य सपनाका रक्षा या था । हा होना चाहिए और उमाये रिये उदे जोना और निस हा गट होगा, उस द अदमियाय लिये मरता चाहिए । उमदाय द्वारा नामनत न वाया जायगा। लारनीने हिदू समाज सस्कार पराक लिये वही त सिरैन सानतारि 'नम यथेच्छा ! या ! पाप सहन थे, नि मुसलमानों और मिस चार ता सम भार साध रण साता प्रस मय तापदि दू बनाना कुछ प्रयोजन नहीं है । हिन्दुओं के मॉम 17ण दिगद पटगा था। कोद परान शास्त्र और वरामान अवस्था अनुसार समान मएर वर कार परतो था, 1 नासम् | रम्भारपरकमबोका एकत्रित करना चाम्पि। आप मि-कर उस गाएको घर पर का गरम एट गननेता या सामाजिक परियत्तम इग्लैएड अनुसार स्थ त करती थी। हामाहत थे। भारतका सरस्थानुमार जेन च १६०७६० सिन्धर महातम ानि पर माता द ग र पैसा ह परयता चाहते थे। भारत-पाय म्वदशा मम्मे न था था उमर्म अपने १९०६ ६० पत्ता इगि-या शगल पासक रहा था,- सम्मिरित भारतका धम पाहा म्पदप सापति नियुन हुए थे। उस समय थापना होना वाय।' पता सयादातम पढ़ पर धा-छोन र तथा यूद मनुयोग वान माननी चाहिए मर परसा आदि मिायरिया उनको परिद्राही धार को उचित महा। दू, मुसलमा7 at मामत और लाई रिलीश पाल याfr ला पारसी-गों पिये यह एप पुरा दिन होगा raf Pापत रायफ मातहत यत सी दागा साए मांद घेोग चल रन छोर यूरोपीयों का अनुसरण समय उन पर व परमपिद-पीमा ग! किन मजलाप र नयद्रोदा 11 आरपात गार यामी ? पुनहित गपे 17 धनिहिना माग यात पराक्ष । मै यह नदाटी तथा भारतासन देशमा मौर अयतार गगा पाहता। मापक या मिनिट सर ममगारगमा चरिमा । भाप भारत, दोष