पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/४७४

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वड्दश ४७६ स्थापित होन र १७८३६०में सर विलियम नोस प्रधान लियनों को दता भापाका शिक्षा दना निमिर गई विचारपति हो कर आये। १७८४ ३०१ उसने पति | चलेगा फोट विलियम कालेज स्थापित किया। इस याटिक सोसाइटी आप यगार' नामक ममा स्थापन का।। उपलबमें नहा पाटरूपम इ १ व गला पुस्तके उसो माल पार्मिटक भादेशस बोर्ड आव द्रो' सम्पादित हुइ । उमे रामराम वाचूगी प्रतापा,त्यचरित' कायम हुआ। (१८०१ १०) तथा लिपिमाला (१८०२ इ०) राजारलोचन रास कनवालिमके सामनशरमें १७६०३०म सदर का कृष्ण ग्नि, मृत्युविधा ङ्गारवी रानापती, निजामन फिर करता चला भाइ । १७.३३०म निद्दिष्ट फरी साहब का चगा घ्यावरण तथा अमिधान आदि राज्यार वसूल करनेका दासायाचिरस्थाया दन्दो उखयोग्य पुम्त थीं। १७६६६ में मिसारा मामान यस्त उन समयका प्रधान घटना है। इस यपम आग तथा बाद रामपुरम थार रहन ग। उन्हों।हा रेजाम रिया स्तिनी हा व्यवस्था सगृहान तथा जयगोपाल तक रिकार द्वारा सशोधन करा र १८०१ ३० प्रचारत ह म पारस्यरत उनका व गला अनुवाद में रामायण और इसफ याद महाभारत छपाना भारम्भ पिया। किया। इस समयस हो म्वभावत व गला माहित्या राई पनवालिसा कल्परोक हाथमें सिर्फ राज कर आदर घर घरमें है। संग्रह करनका भार दिया था। उदोगाजी, मुस्ता प्रभृति १८०७ इम लाइ मिटा गरजेनर | उनक ५ स्थान पर प्रति जिसमें अज' नियुक्त करके उनक शासनकालय शेग्भागम ( १८.३०) पानमिट प्रदत्त हाथम दयाना तथा फीनदारा मुकद्दमा विचारभार | मादानुमार इस कम्पना एक तरस याणिज्य रक्षित अपण पिया । पोजदारा कार्यकालम मुसलमाना हो गइ। इसाइमिसनरिश 1 या घम प्रचार करनको “यवस्थानुसार ही विचारकार्य पर्वाहित छोगा इसलिये अनुमति पाइ इसरिये सत्ता पर विशाप नियुक्त प पर मुसलमान समचारा सहकारा रुपमा प्रति नजर हुया । इसका अलावा पम्पनाका इमदार प्रजाका साथ रहन धे। विलाफ जनम निपादित मुहिमेकी विद्यारिया बना रिये सरकारी राजकोपौस मात वप अपील सुनने निमित्त फ्लरत्ता, मुर्शिदाबाद द्वारा पर लाख रुपये व्यय करनको आशा हुई। पर पटना नगरों में चार 'भोमि सयर फोर' स्थपित लाट मायरा या माधिम याच हेस्टिङ्गगम १८१३०॥ हुए। इन प्रोभि सपर कोर्ट ऊपर मदर दायानी तगा गरिर दो पर पगार आपउनके मापम मदर निनामत अदालत था। दारानी मुहमक विचार नपाल तथा महाराष्ट्र युद्धर्म गरम पिजयो एप 4 । इस फलि. प्रति मिलने पर निगा तथा पप समय पर पक दशा सम्भ्रा त यत्तियां यत तथा मुसिफनियुस हुए। स्थान स्थान पर एक पर थाना ध्ययस काकसम "दि दूधारस' स्थापित हुभा एवं उन Fधापित हुभा एक एक दारोगा प्रति पार पत्ता लोगों ही धारा उत्साहित हो कर धारामपुरका मिसन नियुन हुए। रियोन "समाचारदाण" नामन यम य गठा मधापन १७६८० मामिल श्राप घेटेस्ला दगालय गनर । मुद्रित किया। (श्री मइ १८१८६०) जेनरत हुए। १८०७ ६०म महाराष्ट्रिय माप सधि १८५४ इ०से अगस्त महीनम लाम ऐमदष्ट गयनर परफ मनाने उनसकप्रशाले रिया। जेनर हारलता प्राप1 उनक समयमे प्रायुद्ध उनकममय तक सदर दीवानी तपा मदर निजामता मे इम्पनाका राज्यपाद्ध एय भरतपुरका प्रमद पिला कायमार पौसिरफ सायगरना जेनरलकेदाथम न्यस्त सगरमौष दस्तगत हमा। इम रामय वरपत्ता था। उममें कार्य का मसुविधा होता दप घेलस्लो तीन 'संस्एन पाल' स्थापित करा विषम सात भाषा 'न' नियुन कि । उमस प्रधितना नया बहु र वित् अध्यापन पिलसन माइष विशप उद्याया गुप ..पिनाविशारद कारक पर थ । अगरेज मिदिरा ऐमदष्टन १८२७५० पश्यिाम जा पर विही