पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/५०६

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बङ्गला साहित्य पहले यह माया गया। पहोंने दास गोखामोको। भगवानदास-दोंने १७५८ में अपने रचित मन शिक्षा मा भनुनाद किया है। गीतगोविन्दका एक पद्यानुवाद किया है। गोपीचरण दाम-चैतन्यच द्रामृतके अनुवादा थे। ___माघरगुणार-ये उद्धवदूत नायक रचयिता थे। गोविद ब्रह्मचारी-होंने जयदेवरत सम्न। यह प्रय भागवतके उद्धर-सवादका भावगत घगला गीतगोयि दका बहुलाभापामें पद्यानुवाद क्यिा है। अनुपाद है। घनश्यामदास-पे गोपिन्रतिमारी प्रापके अनुरा। मुकुन्द द्विज--ये जगन्नाथमङ्गला रेग्नर थे। जग एक थे। गोपिन्दरतिमझरो सहन प्रथइनका दो रिखा नाथमगल पिसी प्रस्था गनुवाद न होने पर भी दुमा है। पुराणविशेषका भावगत अनुवाद है। नगनाथमगल जयानन्द-rहोंने श्रीमद्भागयत भवचरित तथा दिमी किसा स्थानमें 'जगनाथ विजय के नामसे भी प्रहादचरिना मानालम्बन करके दोग थी रचना | अमिहित है। ___ यदुन दनदास-ये पाणिहाटोय वैद्यरशसम्भूत तथा दीनहीन दास-हीन पयिष्णपुरफ रचे हुए धानिवास बाजाय प्रभु कन्या श्रीमती मेनकादेवाये मस्टन गौरगणोद्दे पदापिताका अनुगद किया है। मन्वशिय धे। (होने १६०७ ६०॥ कर्णानद प्रकी उसी ग यका मरिणदीपिका।। रचना की। देवनाथ -ग्दनि श्रामद्भागरती समरगाताश ए र्णामृत-विरमगर ठापुर रचित पृष्ण भायगत अनुवाद करक भ्रमरगीता TIम बङ्गा पद्य पर्णामृत एक प्रसिद्ध सुमधुर सस्टन प्रप है। सुकमि गपप्रणयन क्यिा है। यन दनने इस पाण्डित्यपूर्ण टोबाका पगला भाषामें नरसिद दाम-दो ने सम्वृत इमदूत गया । पद्यानुवाद परफे सस्पन न जानीमा पाटोका बाहुन भायगत अनुवाद किया है। उपकार किया है। नरसिद द्विज-इनके गथका नाम उदर सपाद ____ गोविदलीलामृत-मृणनास विराज महाशयो है। यह श्रीमद्भागयतथे उदरसादका मायगत मनु राधाकृष्णलात्मक गोविन्दलीलामृत नाम निसप्रय याद है। को रचना की थी पद प्रथ उमादा धगला अनुराद मारायण दास-इन्दोन १५४६ एकमें श्रीमदास है। प्रशारने ग्थान स्थान पर व्याख्यान का भी गोम्यामीके रचे मुप सुविण्यात मुक्तारिख प्रथका पद्या सम्पन दिया है। नुगद दिया है। __ रमय-यदुन दना रमादम्य गोल्पगोस्वामी प्रेमदास-इन्होंने दामगोस्वामीकी मनःनिशाका द्वारा रचित विदग्धमाधव नाटका धगग भाषामे पया पालगनुराद तथा स्थान स्थानम व्याख्या की २१ फपि । नुवाद है। पणपुररान धीचैतन्यचन्द्रोदय नारा अनुवाद करके रसमपदास-पड़ोंने गीतगोविन्दरा एक पद्यानुराद हो ये प्रेमदास पर समाजम सुप्रसिद्ध हुए था यह । पिया है। यद्द अनुवाद पुजारी गोस्यामा रोकाके प्रथएक समय मस्यन भाषामें अनमिश घेणय समाज | अभिप्रायानुसार हारचा गया है। परम प्रातिकर पदागिना जाता था। इसका नाम ___राधायलमदास-होधिोमहाम गोम्पमीनी विलाप चैतन्यवाद्रोदयकौमुदी है | THE TIRE | कुसुमालिका पद्यानुयाद किया था। प्रय मदाम द्वारा रचित माना जाता है। पा सपनायास-नए रिये हुए धामझागपत भ्रमर पिशाम प्रेमदासा मरा TIम पुरुषोत्तम लिया गातारा एक भायगत अनुवाद तथा याग पचन हैं। एदोन nि सपनको उपरोन प्रपरमपिना नादिया परदाम-दाने विष्णुपुरोधन भत्तिरमा करपर परियप दिया। । बली प्रयका मायाद किया है। इशाननागरक मदत Vol KM 129