पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/१५५

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पानानाल-महानिगा महानानात्म (मो०) या ममियाका प्रारणभेद। • मदानारायणोपमिग्न् ( सं० सी०) उपनिगमेद। महानाभ (सं० पु०) हिरण्याक्ष एक पुरका नाम 1 2 ' महानाम (म' पु.)गिया महादेश। २ पन्नासा. दामयनेद। ३ एक प्रकारका मन्द जिम मय फे फेंके, गुना, बड़ी मायाला। हुए शान म्पर्य जाने हैं। महानि । म निक) गादनिहा िभूत, सो गादी मीर महानामन् (सपु०) शाफ्यमुनिफे एक मान्मीयका में हो। नाम | महाशके रचयिता एक प्रमिद वास। मदानिद्रा (म मो०) महतो गुदोषां यामी मिदा ति। महानाम्निक (म०वि०) महानानो परिशिष्ट मम्बन्धोय। मरण, मात । मदानाम्नी ( सं० मी. ) मामय परिनिष्टभेद। महानिधान (म0पु0) पुभुक्षिन धातुमेदो पारा शि मवानाम्नीयत (मो .) दोन विशेष मापन नोला पाय रमी" मी कदन है। महानाराचरम ( स० पु०) पारा, तान्न, गन्धक, जय । महानिगाद (सं० पु० । मागभेद ।। पाल भोर त्रिफला प्रत्येक एक सोला, कटकी तीनों महानिमिन ( मं०० ) मदम् कारण। प्रकारका क्षार प्रत्येक आप सोला, उन्हें एक साथ मिला महानिभ्य (सं० पु०) महांश्चामी निम्परचेति । निम्यास. कर गोली यमाय । गोलीका परिमाण दोरसे यलावलफे पिसेर, यज्ञापन 1 संरत पर्याय-फैट, पनर, पर्यत । अनुमार स्थिर करना होगा। अनुपान गरम जल है। गुण-ग्राही, फयाय, भाद, शीनन, नक्ष, तिन, इसका सेपन फानेसे गुल्म और यर अति गोम दूर कफ, पित्त, ब्रम, दि. कुट, बास, रसदोष, प्रमेह, होता। भ्यास, गुल्म, अर्श तथा पिकविषनाशका ( भा.) मरा तरीका-पारा, मोक्षगा मौर मरिच प्रत्येक महानिपम ( सं० पु.) विष्णु। एक भाग, गधा, पीपर, सोड प्रत्येक २ भाग कुल महानिगुत (२०० ) मोर मतसे एक बन बरी मिला कर जितना दो उतना ही जिलका रहित दन्तीयोज संमयाका नाम । मिला कर २ रसीको गोली बनाये । यह सिद्ध विरेचक महानिरय ( पु.) एक नरकका माम | है। इसका संयम करनेसे गुन्मादिरोग अति गोप्र । मदानिरए (म.पु.) फोपदोम पृष, दामहा। भारोग्य होते हैं। (गन्द्रयारस. गुप्मादि) महानिर्वाण (R० लो। १ परिनियांग जिसमे मधिकारी महानारायण (सं० पु.)विणु। पंगल भईन या युगण माने जारी है। २ भाधुनिक महानारायणमेल (मकी ) सैलीग्धविशेष प्रस्तुम : तमेद। प्रणाली-तिलनेल ४ सेर, काद के लिये शतमूली, गाल , मदामिना (सं० रनो०) महनी घोरा मिना निना. पर्णो, पिठयन, कनूर, पच, टीका मूल, करटकारीका मध्यभाग, दो पदर, रात। पाप-मिनाय, मिय मूल, माराकरअका मूल, मत्पेक १० पल: पाका अल . म्गृतिमात्र मत पदरपं. बाद मीर दी पदर सा. ६४ सेप शेष १६ मेर, गापका दूध मोर करोका पद के ममपको मानिना परने हैं। मेर फरफ, सम्लीका रम ४ सेर, सूर्ण लिपे पुमर्पया, मानिगा पिा मम प्रारम् । . पच इलायर्ग, मटमांस, मालपणी, यिसयत मसगंध पस्नान न TM काय मिनार " मैधय गौर रास्ना प्रत्येक तोला मेलपापं. नियमा! नुमार म मलका पार करना होगा। इस सेलको मध्यम दो पदमा माम मानिनाम्य भार मानिस फररी मनुष्य, गोभीर दाधीक मभी प्रकार। ममितिकारी रम महानिनिमें काम नही पात, हाल, पार्यमाल, गाडमासा, पानग्न, नुहारमा मादिपे। म समय को पनु बामा मोममा कमला, पा और ममरी भादि चिया रोग दूर होते . ग्राम प्रसादा पाप नगमा महानिनिर्म हैं। (भैमा गिध) पारमोनिग्नि