पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/३०६

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


७. महापटी-पापा मदारीकोज वाटप रक्ष सचिरमोगिनं फुल कुरो , करनेमे ममी पाप मष्ट होते है। भमोरा दोई फट् स्याहा" (मोमिनीतन्न) . करपे, मयमोरे दिन पार करना होता है। म महापटपला म० पु.) पृतौरपद। प्रस्तुत एमी तिपिम येवोरे उभासे पिगमानुसार पर प्रणाली-बी ४ रामूलका कादा ४ मेर, भदरसफा' रानम पूजा करनी चाहिये। इस गमपर) मा मना ___ फल देनेवाली है। (fafarm) गम : सर, पुमा ४ सेप प ४ मेर, दहीका पानी ४ सैर. . , मदारण्या ( म० ० ) बहुत पेशी संपा। ... कमी ४ सेर । म फेसिपे सवल लवण, पंचकोल, महासभा ( सो) पर यहुन बहोगका मार मैग्धय लयण, हयूप, पिटलपण, यमपानी, पपक्षार, महासयितिकाफल (म. पी.) काम होने पाता होंग, शारा, अभियुलपण, मंगोला धीर यमानी प्रत्येक : संप-फल। ४ गोला। इम पृतका मन या कयल घृतक साथ महासंस्कारो ( 40) मायोको संसा संया करना चाहिये। मिमि, ज्यर भीर प्रहणा मादि महासती (सरली.) सपरिया पतिमता की। रोगों यह सारा कारों है। • महासतोयुदती (स' मो०) वैदिक चोमेर, ए (भैषज्यरत्नापर, प्रहपपभिकार) । एन्दका माम। महादान्यास ( स०पु०) मुद्रामेद। मक्षासतोमुरा (सरली. ) एनोविशेष, एक मारका महारमा ( स० एली) महत्या महादेव्या भष्टमी, महनी छन्द । मगीति या! आश्विन मासको शुम्लामी। चान्द्र महामत्ता ( स० सी० ) यम्नुका पधार्य अस्तिस्य। आधिन मास दी यह अमीदोगी। यह निशि भग महामत (सलो०) सोमयोग। यती दुर्गादियोको अनिशय प्रिय है. इस कारण इसे दुगां ! महासत्व ( स० पु० ) १ मदावर या महायनि२ पुर. एमी भी करते है। दाकार जीप.करीपापोनिमार का नाए । ४ गुल्येर । ५ मारपनि मिल "भाने शुभताप मोर या अटमी तिमिः। गुणगान्दी, जिमका भन्सारण उप हो। महामीनि गा मोका देखा प्रीतिकरारा" मदासस्य ( पु.) यमरा। (गनिकापुराग्य ५६०) महामन । म पली) गिधामम । म महाएमा तिमि भगासी दुर्गाका रामद नगर महामधियिह (म0पु0) मानिस्थापा मोर गुम- उपहार तथा मांसादि द्वारा पूजन करना चाहिये । इम: संपटनादिकाका प्रधान मम्मों। विपि पूजा भार उपपाम दोनों ही करने होते हैं। महामन्त (म0पु0) महान् गिरायः मम्मो विमा पालक एम और रोगीको जोहार भोर मर्वोको उप. पुक्षगरपान, पहा मनो दिमादेमंदागम्या : यास करना उनिन। परन्तु आयाम विशेपना गट टागों। गुदर प्रति निकर, म • २. किशो पुनपान पनि उन्हें इस भएमी निधिमे मामी म ) नि । निरम्य उपयास गरे काला नाहिं। बापी मयों मर (3) महगामी मागेनि।। लिये निरम् पयाम बतलाया गया है। महारमोश पोधो मम्मोगोरो मारी। पायलमान, करमे ममोपाय पिनर होकर या गंधार. । गेल्या मानी। होता है। कहा मोt- महामाहा (मो .) मदनी गामा गमहापा. पिक का नामrani mir. ____ पोरन से मार,

im, भोरगाहमा, पर, REE

मम पार ! () मागिपारिनोमोगानाTERN परकी गीदम भयम् विपणामोगमा पानी : गाना frre n Tr-agr, को भारी का सम्म राम्रो मान र सम्प माREIm