पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/९६

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


पम्पद पजाली (इमाम)-पाम्पद गोरो (पोरी) 'नायाग' गौर प्रहार प्रभृति अनेक फाव्य लिने संथा। मुराधका र दक्षिण प्रदेश देसने हार, कानीदासरत महामारतका फारसीमें. मनुवाद किया घो । यानी मुजान तया भीर मा स्टिर हैन जिलान्तर्गत मुस्तफादाद या रामपुरमें इनका स्थानीय रामामोंने इस पयरेके पर्म प र जन्म हुमा था। पासी धन दे दिपा। उन लोगों पर मी महम्मए पसालो (माम)--एक सिर मुसलमान धर्माः ! सेयास्तापने नियुक्त रह कर मकर संस्कारादिने पापं तथा हाकिम। ये मायूएमीद महमद जैत उद्दीन सत्र कर उसकी सार्थकता दिपनाते है। . . भल-तुपो तथा दजत उल इस्लाम नामसे प्रसिद थे। येसुरराज सुफी संप्रदाय काया निय. होंने धर्म, मायुर्पद तथा पिणन मम्बन्धीप भनेक पण कर 'यतुद-उन-मशीकोग' मामसे एफ. धर्ममय गया . दरष्ट प्रचलिमे है। उनमें किमि ए सपादत, 'याकुल- 'असमार उर मर' गामसे पारमी भाग पर दिनांक उल-तापीय' या 'तफसीर जयादिर उल कुरान', 'शाका देश अन्य लिल गये है। एम पनाली', 'महिया-उल उलुम' तथा 'सुश्फत उल. मदम्मद गोरी ( घोरो)-पोरया पूरा अम होने .. फिलसफा' आदि प्रग्य प्रधान है । १०५८ ६०में सपा यहाँको प्रचलित मापा मम्मर या मममा.. सूर प्रदेश पजाली नामक प्राममें जगम होने के कारण से विधात होने के कारण ऐतिहानिकाने इनका मम । इनका नाम धनाली पड़ा । ११.१ १० में इनकी मृत्यु गोरी नाम राशन मानिसमाद छ। इन्होंने भरवी और फारसी भापा पुल ६ प युदीन। इन्हें मरोगको उपाधि भी मिली यो। लिसे है। । मिनहाम 'तपारा नासिरी' गाम Fitni..: मदम्मद घेस दराब (सैयद )-दक्षिण प्रदेशके कुल या जीयनपरित जो मिला है. यह इस प्रकार - .. राम्पान्तर्गत दौलताबाद नगरयासो एक मुसलमान सुलतान गपासुरोग और गुजान दो गाई। साधु । ये दिलो गियासी घेष चिरागुदोगके शिष्य थे। पोरगर्म उन महमा था। मो. fim इनका जन्म १३२१ को विती हुमा था। इनका असल नाम शनसवानो, पितामका पहारदोन गमा भीर माम सदाम हुस्समो था, पर पोरे पे येमु दराम प्रपितामका माम गहरान गा| मी माता मा . नामसे दो पिण्यास हुए। किदानी मालिक यादोगको कम्पा पो| म पारख ___ यादमी मुल्तानोंक गासनकाल में ये एलपर्गा! गयासुद्दीन को 'दपसी प नको लागी माम भा। युवराम महमद माद इन प्याप्पानसे प्रसन्न पुकारली । दो मका प्यि बन गये। उन्होंने साधुरु रद के लिपे सुजान पलायोग हुमैमने फिरोशाको गो पर एक मसजिद पनवा दो। चैठने हो गपास गौर मामी परिमलामो दु । १४२२ ० महम्मद साह गहा पर । या । ममान र सुशान सेरम मा इस समप साधुका गुण तमाम लगा । राजास हुए। इन्होंने दोनों मारेको कारापास कर पूर्ण से कर दीन दुमी तक सभी के पोपदेशमा माघीमता महाग हो। गपाराम रियार पालन करने लगे। पोरे पोरे जनमाधारणकी इन मानका निपपास दो पर मगा गा मा. पर ऐसा प्रगाह मन्दि होगा कि ममल दाrिee. राम भान पणा मारक फोम पारा गला । पासी मति ममि और सम्मान गको पूला करने माया! । मम्मर शाह समारम्न कुछ समय बार मैदान मरी मritinger होमो मायमूर मानापार (पुरा गाना दो frame TREE गामा भी मेरा मनुष्य पर मकमान पा. र tranit. THE T. भारART । ।