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पृष्ठ:२१ बनाम ३०.djvu/१०७

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(६ ) समय नहीं। उपाय उन्होंने फिर के लिये रस छोड़ा है- पर सर सेठना की हर तो यहाँ तक जाती ही नहीं ये अपनी वर्तमान अवस्था में असन्तुष्ट भी नहीं। उनका लक्ष्य ऐसो स्थिति में पहुँचना है जिसमें भारत और ब्रिटन परस्पर के मददगार हो। इस लिये उनका भापण ब्रिटिश सरकार के एक वर्ष पहले की अवस्था से प्रारम्भ होकर वर्तमान अवस्था पर मतम हो जाता है वे मसूर सरकार से बड़ी श्राशा रखते हैं ये प्राधाए उन्हें बहुत अधिक है। यह अब भविष्य पर निर्मर है, कि इन दोनों प्रमुख पलों में कोम भारत का सहा हितैषी है। 1 कांग्रेस के स्वतन्त्रता का प्रस्ताव पास करने देने में कारण भारतीय उदार दल ने मद्रास में यह निश्चय किया थ कि जो लोग गोल मेज कामास में शामिल होने में स्वाम समझते हैं और प्रोपनिवेशिक स्वराज्य को अपना ध्येय मार है ऐसे लोगों की समा फरयरी मास में घुलाई जाप सर ते बहादुर सम इस सम्मेलन को विनी में शोघ्र से शीघ्र खुला के लिये प्रयत्ल कर रहे है। कल समाचारपत्रों में यह पाप कि सम साहब को इस में सफलता नहीं मिल रही है सर ने इस समाचार का स्वएशन किया है और श्रीपनिवेशिक स्वराज्य में यिश्यास करने वाले हिन्दू मुसलमा और सिपमों का सर्व-दल सम्मेलन शीत हो होगा । मुझे सम कदा