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गोवेल्स
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में, जब हिटलर ने जर्मनी की शासन-सत्ता अपने हाथ में ली, तब ही इसका संगठन, नाज़ीवाद के विरोधियो के दमन के लिये, किया गया था। यह बहुत शीघ्र जर्मन-जनता के लिये आतंककारी सिद्ध हुई। गेस्टापो के कर्मचारी गुन रूप से प्रत्येक व्यक्ति तथा संस्था के कार्यों की जॉच करते हैं, और जहाँ कही ज़रा भी विरोध की आवाज़ सुनाई पड़ी कि फौरन् गिरफ्तारी की। गेस्टापो का प्रधान संचालक हैनरिच हिमलर है।

ग्रेट ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैण्ड--क्षेत्रफल ९४,२७७ वर्गमील; जनसंख्या ४,७५,००,००० है। ब्रिटिश राजसमूह में इँगलैण्ड, स्काटलैण्ड, वेल्स तथा उत्तरी आयरलैण्ड शामिल हैं। केवल उत्तरी आयरलैण्ड में स्वायत्त-शासन है। शेष तीन प्रदेश एक शासन के अन्तर्गत हैं। ब्रिटिश शासन-विधान अलिखित और परम्परागत है। ब्रिटेन का राज्य-सिंहासन पैतृक है। एकच्छत्र शासन मर्यादित है। बहुमत की सरकार होती है। राजा को मसविदो (Bills) पर स्वीकृति देने का अधिकार है। वह मंत्रियों द्वारा कार्य करता है और मंत्री पार्लमेट के प्रति ज़िम्मेदार होते हैं। कुछ प्रमुख मंत्री मंत्रि-मण्डल (Cabinet) के सदस्य होते हैं। वे उसकी बैठको में शामिल होते हैं। शेष मंत्री उसके सदस्य नही होते। आजकल ९ सदस्यो की एक युद्ध-समिति (War-Cabinet) है। वर्तमान कामन-सभा का चुनाव सन् १९३५ में हुआ था। इसमे ३७५ अनुदार, ३३ नरम-राष्ट्रवादी, ७ राष्ट्रीय मज़दूर, ५ सरकारी राष्ट्रवादी, १६८ मज़दूर, १९ उदार, ७ स्वतत्र, और १ साम्यवादी सदस्य हैं।

गोवेल्स, डा० जोसफ--नात्सी जर्मनी के प्रचार-विभाग का मत्री हैं। नात्सी-दल में हिटलर तथा गोरिंग् के बाद डा० गोबेल्स का ही स्थान है। राइनलैण्ड में एक निर्धन किसान-कुल मे, २९ अक्टूवर १८९७ को, गोवेल्स का जन्म हुआ। गोवेल्स यद्यपि ग़रीब था परन्तु वह अनन्य विद्यानुरागी था। अच्छी से अच्छी यूनिवर्सिटी में जाकर उसने शिक्षा प्राप्त की। सन् १९२२ से पूर्व गोवेल्स, पत्रकार की हैसियत से, जीवन-निर्वाह करता था। सन् १९२२ में वह नात्सी-दल में प्रचार-कार्य करने लगा और सन् १९२६ में उसने उत्तरी जर्मनी मे नात्सी-दल का संगठन किया। इस समय हिटलर दक्षिणी जर्मनी में कार्य कर रहा था। उसी वर्ष वह नात्सी दल का वर्लिन में स्थानीय