पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/३४३

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लावल जर्मन राजदूत ऑ ऐबेज के हस्तक्शेप से रिहा हुआ। जुलाई १६४१ में एक फ्रान्सीसी देशभक्त ने गोली चलाकर उसे घायल कर दिया।

लितविनोफ, मैक्सिम- सोवियत रूस का राजनीतिज्ञ, नस्ल का यहूदी, सन १६०५ से रूस के क्रन्तिकारी आन्दोलन मे शामिल रहा; १६३० मे सोवियत रूस का वैदेशिक मंत्री बना, अन्तराष्ट्रीय सम्मेलनो मे, सोवियत संघ के प्रतिनिधि की हैसियत से, भाग लेता रहा, और १६३४ के बाद से राष्ट्रसंघ मे सोवियत का प्रतिनिधि था। संसार की प्रजातान्त्रिक सत्ताओ के साथ सोवियत के सहयोग का समर्थक था। मार्च १६३९ मे जब सोवियत रूस ने हिटलर से समभ्पोते की वार्ता आरम्भ की, तो लितविनोफ को पद के दायित्व से मुक्ति दे दी गई। मार्च १९४१ मे जब सोवियत-जर्मन मतभेद बड रहा था तो लितविनोफ सोवियत कम्यूनिस्ट दल की परराष्ट्र समिति का प्रधान नियत किया गया और नवंबर १९४१ मे,वाशिंग्टन मे सोवियत का राजदूत और परराष्ट्र विभाग का उप-कमिसार नियत किया गया।

लिथुआनिया- क्षेत्रं २१,५०० वर्ग०; जन० २५ लाख। पहले यह रूस का बाल्टिक-देशीय प्रान्त था, जो सन १६१८ मे स्वाधीन हुआ। इसकी राजधानी विलना तथा मैमल प्रदेश के सम्बन्ध मे, लिथुआनिया का पोलैंड तथा जर्मनी से, १६३६ तक, भगडा रहा। १६२६ में अधिनायक-तन्त्र हटकर यहॉ किसान-डिक्टेटरशिप कायम हुई। मार्च १६३६ मे मैमल प्रदेश जर्मनी ने ले लिया तथा सितंबर १६३६ मे विलना जिला सोवियत रूस ने। यह कृषि-प्रधान देश है। अक्टूबर १६३६ मे रूस ने लिथुआनिया को अपना संरक्षित राज्य बना लिया। सोवियत सेना ने मुल्क पर कब्जा कर लिया और,अगस्त १६४० मे, लिथुआनिया सोवियत संघ मे मिला लिया गया। जुलाई १६४१ मे जर्मनी ने इस देश पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया।