पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/३९४

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३६० सामुहिक राज्य प्रजातंत्र के विरोधी थे । यह लोग मबराबर स्वस्तिक चिन्ह धारण किये गो 1 इन्हींके द्वारा स्वस्तिक राष्ट्रति-समाजवादी जिम्ननी का सीमी निशान बना । साइना-लस्ट, है, यम-जोरि के वाहक-उ-ट; इससे पूर्व सर जाम साइमन कहलाते थे; मृ-गिरे, राजनीतिक-, २८ फ-मरी १८७३ को पादरी ऐ-जाल साइमन के घर में पैदा हुए है एडिनबरा तथ. आ-ममड' में शिव प्राप्त अशी, १८९१ में बैरिस्टर बने, १९०६ में लिबरल-दल की और से प-ईट उ-धि-, सदस्य चुने गये व १९१०-१३तक सालिसिटर-उभारता औ, १९१३-१६ ताक अटल जनरल रहे । १९१७ में फास के मैदान में हवाई जमना गे मेजर बन कर गये और युद्ध में लदे । १९२२ जै, फिर पप-मट के सदर चुने गो, तब से उसी इलाके के मेम्बर हैं । १९३ १ में राष्ट्र" (ले-बरल दल में शर्णमे१न हुम । १९२८ में भारत की राजनीतिक प्रगति की उक्ति करनेवाले कमीशन ।र स ब उमस ती, के नेता नियुक होकर भारत अजिजहीं आपके सभ्य-ममतल का बहिष्कार हैहुआ । सन् १९३ १-३५तक वैदेशिक मंत्री जा.-' से और सर १९३५-३७ तक य- ' बरु नभ मंत्रों तथा १९३७ से अर्श- यम-टाई मन्वी१धरहे । चेम्बरलेन मरिचत.:, मयय-के बहुत प्रमावशाली हैं ' 'नासर सदस्य थे (मई १९४० में उन्हें लम; की पदवी प्रदान की गई औरचापवैल के मन्दिमयडल में (: प्रा-हैज--, लहर चान्सलर हुए । आ सादाबाद का सभऔता--सन् ( ९ ३ ४ में सुरा, इराक, ईरान दृष्टि अफ- सानिस्तान के बीच राजनीतिक सहयोग और सहमति के सम्बन्ध में हुई सान्द्रधि । सामूहिक राज्य. एक ऐसी उययंथता है (जिसमें रा१त्य का और (आर अथ का आधार व्यावसायिक तथा ठयाशारेक सध होते कहे ।