पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/४३

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ जाँच लिया गया।
आज़ाद, मौलाना अबुल कलाम
३७
 


चाहते, समस्त संसार के दुःखो, अनीतियो, अनाचारो और अत्याचारो का एकमात्र उपचार भी वह अहिंसा को मानते है। आजकल होरहे इस घोर विनाशकारी युद्ध में उन्होने अँगरेज़ जाति को मित्रतापूर्ण परामर्श दिया था कि वह हिटलर की हिन्ता का अपनी अहिंसा द्वारा निराकरण करे।






आइसलैण्ड--ग्रेट ब्रिटेन के उत्तर-पश्चिम मे यह एक द्वीप है। इस समय अमरीका का इस पर अधिकार है। यह स्वतंत्र द्वीप था किन्तु, वर्तमान युद्ध में, सन् १९४१ में, जर्मनी ने इसे युद्ध का अड्डा बनाना चाहा, इसलिए अमरीका ने अपनी फौजे आइसलैण्ड में भेजकर उस पर अपना सैनिक-नियंत्रण स्थापित कर दिया है।


आज़ाद, मौलाना अबुल कलाम--भारतीय राष्ट्रीय महासभा (कांग्रेस) के आप अध्यक्ष हैं। सन् १८८८ में मक्का में इनका जन्म हुआ। आपके पिता अरब में रहते थे। उपरान्त मिस्र आगये। क़ाहिरा (मिस्र) के अल-अज़हर विश्वविद्यालय में इन्होंने अपनी शिक्षा पूर्ण की। अरबी, फारसी, इसलामी-दर्शन और क़ुरान का विशेष रूप से अध्ययन किया। तत्पश्चात् भारत में आये। कलकत्ता से आपने 'अलहिलाल' नामक उर्दू दैनिक-पत्र निकाला। आपकी स्पष्टवादिता के कारण पत्र से ज़मानत माँग ली गई, जो कुछ दिन बाद ज़ब्त हो गई और दस हज़ार की नई ज़मानत माँगी गई। तब आपने 'अलबलाग़' नामक दूसरा उर्दू-साप्ताहिक निकाला। पिछला महायुद्ध शुरू हो चुका था। पत्र की खरी आलोचना से अधिकारी विचलित हो उठे और मौलाना साहब को राँची से नज़रबन्द कर दिया गया। इन्हीं दिनो अलीबन्धु नज़रबन्द किये गये। १९२० ई० में मौलाना को छोड़ा