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पृष्ठ:भारत में अंगरेज़ी राज.pdf/११४

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१२०१
सिन्ध पर अंगरेज़ों का क़ब्जा़

सिन्ध पर अंगरेज़ का का १२०१ के सुपुर्द कर दिया गया और गवरमर जनरल ने बड़ी प्रशंसा के शब्दों में नमीर मीर रुस्तम खाँ को धन्यवाद दिया। किन्तु यह किला फिर कभी भो मीर रुस्तम खाँ को वापस नहीं दिया गया। २४ दिसम्बर सन् १८३८ को गबरनर जनरल के वादे के ऊपर १० धाराओं की एक नई सन्धि मीर रूस्तम खाँ रुस्तम खेल के के साथ और बहुत समझाने बुझाने के बाद ११ साथ नई सन्धि मार्च सन् १८३8 को १४ धाराओं की एक नई सन्धि हैदराबाद के ग्रमीरों के साथ होगई । जिस समय यह नई सम्वि अंगरेजों को ओर स पेश की गई तो उनमें से एक अमीर पिछली सव सन्धियाँ सामने रख कर कहने लग -- 6 इन सब का आंच क्या होगा ? जिस दिन से हमने पहलो सन्धि की है, हमेशा कोई न कोई नई चीज़ पेश की जाती है। हम आपके साथ दोस्ती कायम रखना चाहते हैं, किन्तु हम इस प्रकार लगातार दित किया जाना नहीं चाहते । हमने आपकी सेना को अपने पक्ष में से रास्ता दे दिया और ग्रब प्राप अपनी सेना को यहाँ क़ायम करना चाहते हैं ” X N1 g

  • फिर भी दोनों सन्धियाँ हो गई।

खैरपुर की सन्धि में मुख्य मुख्य बात ये थीं - १—अंगरेज कम्पनी और खैरपुर दरवार में सपा के लिए मित्रता कायम रहेगी। लe • ToTens', Eugrz in , p , 295.