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भ्रमरगीत-सार/२०-हम तो नंदघोष की वासी

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भ्रमरगीत-सार  (1926) 
द्वारा रामचंद्र शुक्ल

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राग सारंग
हम तो नंदघोष की वासी।

नाम गोपाल, जाति कुल गोपहि, गोप गोपाल-उपासी॥
गिरिवरधारी, गोधनचारी, बृन्दावन - अभिलासी।
राजा नंद, जसोदा रानी, जलधि नदी जमुना सी॥
प्रान हमारे परम मनोहर कमलनयन सुखरासी।
सूरदास प्रभु कहौं कहाँ लौं अष्ट महासिधि दासी॥२०॥