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| १ आवारागर्द | ……… | ५ |
| २ तिकड़म | ……… | १८ |
| ३ डाक्टर साहब की घड़ी | ……… | २८ |
| ४ मरम्मत | ……… | ३८ |
| ५ चिठ्ठी की दोस्ती | ……… | ६२ |
| ६ तसवीर | ……… | ७४ |
| ७ तेरह बरस बाद | ……… | ८८ |
| ८ जापानी दासी | ……… | ९१ |
| ९ हेर फेर | ……… | ९९ |
| १० वह कहे तो | ……… | १११ |
मूल्य डेढ़ रुपया मात्र
| प्रकाशक | प्रथमवार | मुद्रक |
| नेमचन्द जैन 'अग्र' प्रभात प्रकाशन के लिए साहित्य मंडल दिल्ली द्वारा प्रकाशित |
मई १९४६ |
जय्यद प्रेस, बल्लीमारान, दिल्ली |