सदस्य वार्ता:अजीत कुमार तिवारी

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यह पृष्ठ सदस्य अजीत कुमार तिवारी का वार्ता पन्ना है, जहाँ आप अजीत कुमार तिवारी को संदेश भेज सकते हैं और इनसे चर्चा कर सकते हैं।

प्रिय अजीत कुमार तिवारी, हिन्दी विकिस्रोत पर आपका स्वागत है!

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विकिस्रोत एक मुक्त पुस्तकालय है जो दुनिया भर के योगदानकर्ताओं द्वारा सभी के उपयोग के लिए बनाया जा रहा है।
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अनिरुद्ध! (वार्ता) २०:५१, १ अक्टूबर २०१९ (UTC)

कोड स्वराज[सम्पादन]

अजीत जी आप का यहाँ अनुवाद देखा। दरसल किताब में ही वैसे आप शब्द लिखा हुआ हैं और अंग्रेजी में किताब जैसा ही करते हैं| हमें इन सब चीजों पर नीति बनानी चाहिए। --Abhinav619 (वार्ता) ०७:०८, १५ अक्टूबर २०१९ (UTC)

अभिनव जी, किताब में तो आज ही लिखा है और अंग्रेजी में स्पेलिंग गलत हो सकती है लेकिन ये स्पेलिंग की दिक्कत नहीं है। यूनीकोड में गलत कमांड से कई बार ऐसा हो जाता है कि मात्रा साथ में न लगकर अलग दिखती है ( जैसे - डॉ की जगह ड ॉ)। ऐसी बातों को कॉमनसेंस से ठीक करना ही सही रहेगा। हां प्रूफरीडिंग से संबंधित नीतियां अभी बनानी तो हैं ही। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) ०७:५४, १५ अक्टूबर २०१९ (UTC)
अजीत जी, कॉमनसेंस वाली बात ठीक है आप कि। अंग्रेजी पर (henry को he-nr-y) जैसे किसी किताब में देखे था तो सोचा लिख देता हूँ। --Abhinav619 (वार्ता) ०८:४७, १५ अक्टूबर २०१९ (UTC)

विकिस्रोत:खाता हेतु निवेदन[सम्पादन]

@ नमस्ते अजीत कुमार तिवारी जी, यूँ तो आप काफी अनुभवी सदस्य हैं किंतु मैं जानना चाहती हूँ कि आपने विकिस्रोत:खाता हेतु निवेदन पृष्ठ को क्यों मिटाया है, जबकि वह विकिस्रोत पर त्वरित गति से मिटाई जाने वाली पुस्तकों के संबंध में बनाया गया था। यदि पृष्ठ का नाम गलत है तो उसका मात्र नाम भी बदला जा सकता है। नीलम (वार्ता) ०४:५२, ७ मार्च २०२० (UTC)

@नीलम: जी, नमस्ते। विकिस्रोत:शीघ्र हटाएँ अथवा विकिस्रोत:हटाने हेतु नीति के अंतर्गत पृष्ठ बनाए जाने चाहिए थे। उक्त नाम का औचित्य समझ नहीं आया। नाम मिलते जुलते शीर्षक से बदले जाने चाहिए। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) ०६:२७, ७ मार्च २०२० (UTC)

Indic Wikisource Proofreadthon[सम्पादन]

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सार्वभौमिक आचार संहिता (यूनिवर्सल कोड ऑफ कंडक्ट) पर आपके महत्वपूर्ण विचार[सम्पादन]

प्रिय मित्र,

सार्वभौमिक आचार संहिता (यूनिवर्सल कोड ऑफ कंडक्ट) जिसका उद्देश्य विकिपीडिया पर ऐसा वातावरण बनाने में मदद करना है जहाँ कोई भी, बिना किसी उत्पीड़न अथवा भय के, सुरक्षित रूप से अपना योगदान दे सके। इस विषय पर विभिन्न समुदाय के सदस्यों से उनके विचार एकत्रित किए जा रहे हैं।

चूँकि आप समुदाय के एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं, आपके दिए विचार तथा सुझाव हमारे लिए अति महत्वपूर्ण है जो की इस सार्वभौमिक आचार संहिता को बनाने में न केवल सहायक होंगे अपितु हमारे विकिपीडिया समुदाय का प्रतिनिधित्व भी करेंगे। आपके लिए इस आचार संहिता की भाषा और सामग्री को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने, उत्पीड़न मुक्त स्थान बनाने तथा विकी आंदोलन को आगे बढ़ाने में योगदान करने का प्रमुख अवसर है। आपकी सुविधा हेतु एक गूगल प्रपत्र (फॉर्म ) (कुछ ही मिनटों में भरने योग्य) भी तैयार किया गया है जिसके भरनेकी अंतिम तिथि 25 अप्रेल 2020 है, इस प्रपत्र को भरकर इस विषय पर अपने विचार/सुझाव देवें इसके अतिरिक्त आप अपने विचार चौपाल, मेरे वार्ता पृष्ठ, अथवा सीधे ई-मेल (suyash-ctr [at] wikimedia [.] org) के माध्यम से भी दे सकते है, धन्यवाद!

यह संदेश 'मास-मैसेज' संदेश सुविधा के माध्यम से दिया गया है। --Suyash (WMF), गुरुवार २०:२६, १७ सितम्बर २०२० (UTC)

बधाई[सम्पादन]

प्रिय अजीत कुमार तिवारी, हिन्दी विकिस्रोत को एक लाख पुस्तक पृष्ठ के लक्ष्य तक पहुँचाने में योगदान के लिए आपका धन्यवाद। हम आशा करते हैं कि आप इसी तरह हिन्दी विकिस्रोत को अधिक उपयोगी और समृद्ध बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

बधाई हो!

Animated flower.GIF

--नीलम (वार्ता) ०४:५४, १३ जुलाई २०२० (UTC)

आपको भी बधाई। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) ०५:०४, १३ जुलाई २०२० (UTC)

पुस्तक परापूर्ण (transclude) करना[सम्पादन]

@अजीत कुमार तिवारी: सर कर्मभूमि पुस्तक को परापूर्ण तो कर दिया गया है पर इसमें कुछ समस्या है। भाग १० के बाद भाग ११ में तो कुछ है भी नहीं। सर, कर्मभूमि में कुल ५ इकाई है, जो पुस्तक में भी भाग १-२ करके दिया हुआ है। मेरा विचार है कि इसी आधार पर‌ हम ५ अध्यायों में इसे परापूर्ण करें तो अच्छा रहेगा। अगर आपको उचित लगे तो मैं कर सकता हूँ?-रोहित(💌) १२:००, १५ जुलाई २०२० (UTC)

@रोहित साव27: जी, आपका कहना सही है कि इस पुस्तक के परापूर्णन में कई समस्याएँ हैं अभी। आप देख सकते हैं कि यह कार्य उस दौर में किया गया है जब पुराने डोमेन से नए डोमेन में विकिस्रोत आया ही था। इसमें दो परापूर्णन के दो अलग-अलग तरीक़ों का इस्तेमाल किया गया है और पब्लिक डोमेन लाइसेंस को भी अद्यतन करने की आवश्यकता है। अगर हम केवल इकाई के आधार पर अध्याय विभाजन करेंगे तब भी संतुलन बिगड़ जाएगा, क्योंकि २५० पृष्ठ की छपाई वाले संस्करण में भी पहला भाग लगभग ९० पृष्ठ का है तो कुछ भाग ३० और ५० पृष्ठों में सीमित हैं। ऐसे में यह तरीक़ा अपनाना उचित नहीं होगा। हमारा ध्यान इस बात पर भी रहना चाहिए कि कोई पुस्तक मोबाइल पर भी आसानी से पढ़ी जा सके। अगर हम ९०-१०० पृष्ठ का एक अध्याय बना देंगे तो उसे पढ़ना मुश्किल हो जाएगा। मैं इस पर विचार कर रहा हूँ कि कैसे इसे छोटे-छोटे अध्यायों में बाँटकर भी इकाई का ध्यान रखा जा सके। आप फ़िलहाल उसी पुस्तक पर कार्य करें जिसे निर्वाचित होने के लिए नामांकन किया है। उसमें अभी कुछ अशुद्धियाँ छूट गई हैं। आपने वर्तनी अशुद्धियों के साथ ही दो अध्याय बना दिए थे जिन्हें मैंने पुनर्निर्देश छोड़े बिना सही वर्तनी पर स्थानांतरित कर दिया था। आप अपने विवेक के अनुसार कुछ भी करने को स्वतंत्र हैं जिससे परियोजना को कोई क्षति न पहुँचे। बावजूद इसके आपको यही सलाह दी जाती है कि पहले ध्यानपूर्वक एक काम को पूरा कर लें तभी दूसरे काम में हाथ डालें। एक और बात का ध्यान रखें कि विकि प्रकल्पों पर 'सर/मैम/' कहने की परंपरा नहीं है, इसलिए इससे संबोधन न करें (कम से कम मेरे साथ तो नहीं), जी लगाना भी आपके विवेक और इच्छा पर निर्भर है। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) १३:२१, १५ जुलाई २०२० (UTC)

@अजीत कुमार तिवारी: जी ठीक है।-रोहित(💌) १५:२४, १५ जुलाई २०२० (UTC)

@रोहित साव27:, इसका परापूर्णन इकाई और भाग को मिलाकर पहले से ही किया गया था। भाग १० के बाद हाइपरलिंक और दो तरह के अंकों की दिक़्क़त थी जो कि अब ठीक हो गई है। कम से कम अब परापूर्णन की समस्या नहीं है, उसके तरीक़े पर विचार किया जा सकता है। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) १७:५९, १५ जुलाई २०२० (UTC)
@अजीत कुमार तिवारी: जी। एक सहायता और चाहता हूँ, आप प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ पृष्ठ को हटा दें ताकि मैं प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियां पृष्ठ को उस पर स्थानांतरित कर पाऊं।-रोहित(💌) ०७:४१, १७ जुलाई २०२० (UTC)
@रोहित साव27: जी, पृष्ठ हटाने की कोई आवश्यकता नहीं है। आम तौर पर ऐसे मामलों में उचित/लक्ष्य पृष्ठ पर पुनर्निर्देश कर देना ही पर्याप्त है। बाद के अध्याय वाले पन्ने चूँकि बने नहीं है इसलिए उन्हें स्थानांतरित किया जा सकता है। प्राक्कथन को अलग से रखने की आवश्यकता नहीं है। वैसे भी आप जिसे हटाने को कह रहे हैं, उसका इतिहास पुराना है। ऐसी स्थिति में पुराने इतिहास वाले पृष्ठ को तभी हटाया जाना चाहिए जब वह ग़लत/अशुद्ध हो। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) ०८:४७, १७ जुलाई २०२० (UTC)

@अजीत कुमार तिवारी: जी ठीक है।-रोहित(💌) ०९:१४, १७ जुलाई २०२० (UTC)

माधवराव सप्रे की कहानियाँ[सम्पादन]

अजीत कुमार तिवारी जी नमस्ते। मेरा यह अनुरोध है कि आप बताएँ पृष्ठ:माधवराव सप्रे की कहानियाँ.djvu/१३ में किए गए संपादन को पूर्ववत क्यों किया गया है? .css में हुए बदलाव के बाद क्या अधूरे वाक्यों को मिलाने के लिए <br/> साँचे का उपयोग करना पूर्णतः अनुपयोगी है? --नीलम (वार्ता) १७:५०, २२ जुलाई २०२० (UTC)

जी हाँ, यह अनुपयोगी है। इंडेक्स आधारित परापूर्णन वाले साँचे में यह वैसे भी अनुपयोगी था। दूसरे वाले साँचे में कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा। पूर्ववत करने से पहले कारण बताया था (संबंधित टिप्पणी में टैग करके) और अपने वाले बदलाव करने का संपादन सारांश भी दिया था। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) १८:०२, २२ जुलाई २०२० (UTC)
अजीत कुमार तिवारी जी माधवराव सप्रे की कहानियाँ/स्पष्टीकरण के दो शब्द पृष्ठ पर अगले अध्याय को जोड़ने में शायद ग़लती हुई है। अगला अध्याय अन्तर्भाष्य-समीक्षा होना चाहिए जबकि पृष्ठ पर अगला अध्याय अपनी बात दिया हुआ है।-रोहित(💌) १०:१८, ३० जुलाई २०२० (UTC)
ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद। कड़ी सुधार दी गयी है। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) १०:२७, ३० जुलाई २०२० (UTC)

लॉगिन समस्या[सम्पादन]

अजीत कुमार तिवारी जी मेरे एक मित्र के लॉगिन करने में समस्या आ रही है। बार बार यह "ऐसा प्रतीत होता है कि आपके लॉगिन सत्र के साथ कोई समस्या है। सत्र अपहरण से बचाने के लिए सावधानी के तौर पर आपका यह क्रियाकलाप रद्द कर दिया गया है। कृपया प्रपत्र दोबारा जमा करें" दिखा रहा है। पासवर्ड बदलने का भी प्रयास किया गया पर कुछ नहीं हुआ। चूंकि वह अपना खाता नहीं खोल पा रही इसलिए वह पूछ भी नहीं पा रही। कृपया सहायता करें।-रोहित(💌) १२:०९, २४ जुलाई २०२० (UTC)

सुरक्षा कारणों से ऐसा सामान्यतः होता है बीच-बीच में। कई बार स्वतः सत्र लॉगआउट भी हो जाता है। इस संदेश से घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। ऐसे में ध्यान से सदस्यनाम और पासवर्ड भरकर सामान्य सुरक्षा निर्देशों का पालन करते जाना चाहिए। पासवर्ड बदलने का प्रयास भी किया जा सकता है यदि पासवर्ड ग़लत बताया जाय। कुछ देर बाद प्रयास करने से लॉगिन हो जाना चाहिए। अधिक दिक़्क़त हो तो आप 1997kB जी से संपर्क कीजिए। वे ग्लोबल सदस्य खातों से संबंधित कार्य देखते हैं। वे आपको उचित सहायता प्रदान कर सकते हैं। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) १३:११, २४ जुलाई २०२० (UTC)
जी धन्यवाद 2-3 दिन से ऐसा ही हो रहा था तो थोड़ी चिंता हो रही थी। अंत में Fire Fox ब्राउज़र डाउनलोड करके खोलने पर खाता खुल गया किन्तु Chrome में अभी भी नहीं खुल रहा। शायद दो तीन दिन में Chrome में भी समस्या स्वतः हल हो जाए। आपका बहुत बहुत धन्यवाद :-)-रोहित(💌) १६:५३, २४ जुलाई २०२० (UTC)
कैश (cache) क्लीन करने से क्रोम में भी हो जाएगा। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) १७:४२, २४ जुलाई २०२० (UTC)

पृष्ठ प्रगति स्तर परिवर्तन में सावधानी[सम्पादन]

अजीत कुमार तिवारी जी, कृप्या इसे देखें और अन्य सदस्यों की अपेक्षा रंग परिवर्तन के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें। --नीलम (वार्ता) ०९:३१, २८ अगस्त २०२० (UTC)

कोड के संदर्भ में[सम्पादन]

@अजीत कुमार तिवारी: जी मैं भारत का संविधान/भाग १७ राजभाषा को शोधित करना चाहता हूँ किन्तु इसके पृष्ठ पर दाएँ और बाएँ ओर कुछ लिखा है जैसे इस पृष्ठ पर दाएँ ओर "संघ की राजभाषा" लिखा है। इन्हें मैं किस कोड का प्रयोग करके शोधित करूं यह समझ नहीं पा रहा हूँ।---रोहित(💌) १०:४१, ८ सितम्बर २०२० (UTC)

@रोहित साव27:, इसके लिए {{overfloat right/left|depth=em(जितना मुख्य पन्ने से दूर रखना हो)|पाठ(जिसे मुख्य पन्ने से अलग दिखना हो)}} प्रयोग करें। अगर कोई दिक्कत होगी तो मैं एक पन्ना कर दूँगा। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) १२:२६, ८ सितम्बर २०२० (UTC)
@अजीत कुमार तिवारी: जी मैंने कोशिश की पर शायद इससे अच्छा किया जा सकता है। आप उदाहरण स्वरूप एक कर दें तो अच्छा रहेगा।---रोहित(💌) २२:३२, ८ सितम्बर २०२० (UTC)
@रोहित साव27: इसे देखिए। सहेजने के बाद पन्ने पर दाहिनी तरफ का ओवरफ्लोट पाठ नहीं दिखाई देगा क्योंकि स्कैन पन्ना आड़े आ रहा है। हालांकि जब आप संपादन झलक देखेंगे तो अंतर साफ दिखेगा और सबसे जरूर बात यह है कि अंतिम परिणाम के रूप में ट्रांस्क्लूडेड पन्ने को ध्यान में रखिए। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) ०७:५२, ९ सितम्बर २०२० (UTC)
जी धन्यवाद:-)---रोहित(💌) २२:१७, ९ सितम्बर २०२० (UTC)

शोधित पृष्ठों का परापूर्णन पूर्ण[सम्पादन]

प्रिय अजीत जी, भ्रमरगीत-सार के शोधित पृष्ठों का परापूर्णन पूर्ण हो चुका है। इसके १७२ के बाद के पृष्ठ शोधित नहीं हैं। अनिरुद्ध कुमार (वार्ता) २२:४९, १२ सितम्बर २०२० (UTC)

@अनिरुद्ध कुमार: कार्य पुनः प्रगति पर है। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) १७:४९, १३ सितम्बर २०२० (UTC)

Indic Wikisource Proofreadthon II 2020[सम्पादन]

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